Sitapur News: सीतापुर, नजूल भूमि पर सपा कार्यालय को 15 दिन में खाली करने का आदेश, राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज

Sitapur Nazul Land Dispute: सीतापुर में नजूल भूमि पर संचालित समाजवादी पार्टी कार्यालय को लेकर प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है. डीएम कोर्ट द्वारा अपील खारिज किए जाने के बाद कार्यालय खाली करने के लिए 15 दिन का नोटिस जारी किया गया है.मामले ने जिले के राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं.

Sitapur SP Office News

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Newzo

• 04:14 PM • 09 Jun 2026

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Sitapur Nazul Land Dispute: यूपी के सीतापुर में टाउन हॉल परिसर की नजूल भूमि पर बने समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यालय को खाली कराने की कार्रवाई तेज हो गई है.डीएम कोर्ट ने सपा जिलाध्यक्ष की अपील खारिज करते हुए कार्यालय को 15 दिनों के भीतर खाली करने का आदेश दिया है.आदेश के अनुपालन में तहसील प्रशासन ने कार्यालय पर नोटिस चस्पा कर दिया है.

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मिली जानकारी के अनुसार, टाउन हॉल परिसर की नजूल भूमि पर सपा कार्यालय को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था. प्रशासन का कहना है कि यह भूमि सरकारी नजूल संपत्ति है और इस पर कब्जा अवैध है। मामले में पहले भी नोटिस जारी किए जा चुके हैं.

अप्रैल माह में नोटिस मिलने के बाद सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव ने जिलाधिकारी न्यायालय में अपील दाखिल कर राहत की मांग की थी, लेकिन सुनवाई के बाद डीएम कोर्ट ने अपील को खारिज कर दिया.

इतिहास की बात करें तो, तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल ने 15 जनवरी 2005 को टाउन हॉल परिसर स्थित नजूल भूमि सपा कार्यालय के संचालन के लिए मात्र 100 रुपये वार्षिक किराए पर आवंटित की थी.हालांकि, आवंटन प्रक्रिया में आवश्यक नियमों और प्रावधानों का पालन नहीं किए जाने के कारण नगर पालिका ने 14 अप्रैल 2005 को यह आवंटन रद्द कर दिया था. इसके बावजूद, सपा का कार्यालय लगभग 20 वर्षों से उसी स्थान पर संचालित होता रहा.

नगर पालिका प्रशासन इस कब्जे को अवैध मानते हुए लगातार कार्रवाई की प्रक्रिया में लगा था.अब जिलाधिकारी न्यायालय के अंतिम आदेश के बाद प्रशासन ने कब्जा हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है.

तहसील प्रशासन द्वारा कार्यालय पर चस्पा किए गए नोटिस में 15 दिनों के भीतर परिसर खाली करने के निर्देश दिए गए हैं. यदि निर्धारित अवधि में कार्यालय न खाली किया गया, तो पुलिस बल का प्रयोग कर कब्जा हटाया जाएगा.

इस कार्रवाई को लेकर जिले की राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है.