Sitapur Case: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में सरकारी तालाब की जमीन पर अवैध रूप से संचालित किए जा रहे एक मदरसे के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. इमलिया सुल्तानपुर क्षेत्र में स्थित इस मदरसे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. अब जिला प्रशासन की जांच में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद मदरसा प्रबंधन को परिसर खाली करने का आदेश जारी कर दिया गया है.
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जानकारी के अनुसार करीब एक वर्ष पूर्व एक हिंदू संगठन ने जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शिकायत की थी कि इमलिया सुल्तानपुर इलाके में सरकारी तालाब की भूमि पर अवैध रूप से मदरसा बनाकर उसका संचालन किया जा रहा है. शिकायत में सरकारी संपत्ति पर कब्जा कर निर्माण किए जाने का आरोप लगाया गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने इसे संज्ञान में लिया और जांच के आदेश दिए थे.
जिला अधिकारी राजा गणपति आर के निर्देश पर राजस्व विभाग सहित संबंधित अधिकारियों की एक टीम गठित की गई. टीम ने मौके पर पहुंचकर भूमि अभिलेखों की जांच की और स्थल निरीक्षण किया. जांच के दौरान पाया गया कि जिस भूमि पर मदरसा संचालित किया जा रहा है, वह राजस्व अभिलेखों में सरकारी तालाब के रूप में दर्ज है. इसके बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी.
प्रशासन द्वारा मदरसा प्रबंधन को नोटिस जारी कर परिसर खाली करने का निर्देश दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर भूमि खाली नहीं किए जाने पर बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाएगा. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल है. प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर स्थानीय पुलिस को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह से राजस्व अभिलेखों और जांच रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
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