जिस जहांगीर खान ने खुलेआम दी थी यूपी के IPS अजय पाल शर्मा को धमकी वो नेपाल सीमा से हुआ गिरफ्तार... 'फाल्टा का पुष्पा' क्यों पकड़ा गया?

पश्चिम बंगाल STF ने नेपाल सीमा से टीएमसी नेता जहांगीर खान को गिरफ्तार कर लिया है. चुनाव के दौरान यूपी के आईपीएस अजय पाल शर्मा (Singham) को 'पुष्पा' बताकर धमकी देने के बाद जहांगीर खान चर्चा में आया था. जानें पूरी कहानी.

TMC Leader Jahangir Khan and IPS Ajay Pal Sharma

TMC Leader Jahangir Khan and IPS Ajay Pal Sharma

यूपी तक

• 11:42 AM • 08 Jun 2026

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पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है. पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता जहांगीर खान को नेपाल सीमा से गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जहांगीर खान काफी समय से फरार चल रहा थे और छिपने के ठिकानों को बदल रहा थे. एसटीएफ ने जहांगीर के एक बेहद करीबी सहयोगी के फोन नेटवर्क को ट्रैक किया, जिसके जरिए पुलिस उसकी सही लोकेशन तक पहुंचने में कामयाब रही और उसे दबोच लिया. मालूम हो कि बंगाल विधानसभा चुनाव के वक्त जहांगीर खान, पुलिस ऑब्जर्वर और यूपी के IPS अजय पाल शर्मा से जुबानी जंग के बाद चर्चा में आए थे. 

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क्या था यूपी के IPS अजय पाल शर्मा और जहांगीर खान का विवाद?

जहांगीर खान की इस गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान हुआ वह हाई-वोल्टेज ड्रामा याद आ गया है, जिसने पूरे देश की मीडिया में सुर्खियां बटोरी थीं. यह पूरा विवाद उत्तर प्रदेश कैडर के तेजतर्रार आईपीएस (IPS) अधिकारी अजय पाल शर्मा और जहांगीर खान के बीच सीधी टक्कर का था. 

विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग (EC) ने उत्तर प्रदेश कैडर के 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा (जो वर्तमान में प्रयागराज में डीआईजी के पद पर तैनात हैं) को दक्षिण 24 परगना जिले का पुलिस ऑब्जर्वर बनाकर भेजा था. फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में वोटरों को डराने-धमकाने और बूथ कैप्चरिंग की शिकायतों के बाद आईपीएस अजय पाल शर्मा भारी सुरक्षा बल के साथ खुद जमीन पर उतरे थे. उन्होंने ऑन-कैमरा स्थानीय लोगों और जहांगीर के करीबियों को कड़े लहजे में चेतावनी दी थी कि यदि किसी ने मतदाताओं को डराने या चुनाव में गड़बड़ी करने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ बेहद कठोर कार्रवाई की जाएगी.  

फिर आई थी जहांगीर की ललकार 

इस प्रशासनिक सख्ती और सीधी चेतावनी से बौखलाए टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव आयोग और आईपीएस अजय पाल शर्मा पर सीधा निशाना साधा था. जहांगीर खान ने खुलेआम कहा था, "अगर अजय पाल शर्मा खुद को 'सिंघम' समझते हैं, तो हम भी 'पुष्पा' हैं... पुष्पा कभी झुकेगा नहीं." इस बयान के बाद स्थानीय स्तर पर लोग उसे 'फाल्टा का पुष्पा' भी कहने लगे थे.  

आईपीएस अजय पाल शर्मा की कड़ाई और जहांगीर खान के दबदबे के बीच फाल्टा में चुनाव के दौरान ईवीएम में छेड़खानी और भारी हिंसा के आरोप लगे थे. चुनाव में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग ने संज्ञान लेते हुए फाल्टा का चुनाव रद्द कर दिया था और 26 मई को वहां दोबारा मतदान कराने के आदेश दिए थे.  

जहांगीर की करारी हार

दोबारा चुनाव की वोटिंग से ठीक दो दिन पहले जहांगीर खान ने खुद को चुनाव की रेस से अलग कर लिया था. इस चुनाव में भाजपा (BJP) की जीत हुई और जहांगीर खान चौथे स्थान पर खिसक गया, जिससे टीएमसी के भीतर भी जमकर राजनीतिक कलह मची. जहांगीर खान के खिलाफ वोटरों को धमकाने, अवैध जमीन कब्जाने और चुनावी धांधली को लेकर कुल 7 गैर-जमानती एफआईआर दर्ज थीं. कोलकाता हाईकोर्ट ने हाल ही में जहांगीर खान को मिली अंतरिम सुरक्षा को पूरी तरह से हटा दिया था, जिसके बाद से पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही थी और वह नेपाल भाग गया था.