Sitapur News: सीतापुर जिले में प्रशासन की कार्रवाई के बाद एक मदरसा संचालक ने स्वयं अपने मदरसे को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी. मामला देहात कोतवाली क्षेत्र के कचनार इलाके का है, जहां लगभग 30 वर्षों से संचालित हो रहा मदरसा प्रशासन की जांच में तालाब की भूमि पर निर्मित पाया गया था.
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प्रशासन ने क्या कार्रवाई की थी
जानकारी के अनुसार, करीब 4 बीघे क्षेत्रफल में फैले इस मदरसे के खिलाफ जिलाधिकारी न्यायालय में मामला चल रहा था. सुनवाई के बाद जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर की कोर्ट ने मदरसे को अवैध मानते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे. इसके साथ ही मदरसा प्रबंधन पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था तथा परिसर को खाली करने के लिए 15 दिनों का नोटिस जारी किया गया था.
प्रशासनिक कार्रवाई और संभावित ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को देखते हुए मदरसा संचालक ने स्वयं ही भवन को हटाने का निर्णय लिया. मंगलवार को मदरसा परिसर में ड्रिल मशीनों की मदद से भवन तोड़ने का कार्य शुरू कर दिया गया. मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुटी रही और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
क्या है पूरा मामला
बताया जा रहा है कि मदरसा पिछले तीन दशकों से संचालित था और क्षेत्र के कई छात्र यहां शिक्षा ग्रहण करते थे. हालांकि भूमि संबंधी विवाद और प्रशासनिक जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है. अधिकारियों का कहना है कि सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा नियमों के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी.
अब क्या हो रहा है
फिलहाल मदरसा संचालक द्वारा स्वयं भवन ध्वस्तीकरण का कार्य किए जाने से प्रशासन को अलग से बुलडोजर कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं पड़ी है. यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?
सरकारी और सार्वजनिक जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ उत्तर प्रदेश में कार्रवाई जारी है. प्रशासन कह रहा है कि तालाब, चरागाह और सार्वजनिक उपयोग की अन्य जमीनों पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए अभियान चल रहा है. सीतापुर का यह मामला चर्चा में है क्योंकि प्रशासन की कार्रवाई के बाद मदरसा प्रबंधन ने खुद भवन हटाने का फैसला किया. इससे बुलडोजर से कार्रवाई करने की जरूरत नहीं पड़ी. जमीन विवाद से जुड़े मामलों में अंतिम फैसला संबंधित अदालत और प्रशासन के रिकॉर्ड के आधार पर होता है.
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