Lucknow Crime News: लखनऊ के जानकीपुरम इलाके में एक युवती ने मोहम्मद फराज नाम के शख्स पर कई गंभीर आरोप लगए हैं. पीड़िता का आरोप है कि फराज ने उसे झूठे प्यार में फंसाकर शादी का झांसा देकर रिश्ते बनाए. लेकिन जब पीड़िता ने शादी की बात कही तो फराज उसपर जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगा. लेकिन जब पीड़िता ने ऐसा करने से इनकार किया तो आरोपी फराज ने पीड़िता के साथ बनाए गए गंदे वीडियो उसके पिता और रिश्तेदारों को भेज दिया. अब इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जनसेवा केंद्र संचालक आरोपी मोहम्मद फराज को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पर नशीला पदार्थ खिलाकर रेप करने, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप हैं.
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स्कूल में हुई थी फराज की पीड़िता के साथ दोस्ती
पुलिस के मुताबिक, आरोपी मोहम्मद फराज और पीड़िता की पहचान स्कूल के समय से थी. इसी पुरानी जान-पहचान का फायदा उठाकर फराज ने युवती से नजदीकियां बढ़ाईं और उसे अपने प्रेमजाल में फंसा लिया. पीड़िता ने आरोप लगाया कि 15 अक्टूबर 2025 को आरोपी उसे जानकीपुरम की 60 फीट रोड स्थित एक होटल में ले गया. वहां उसे नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश किया गया और फिर उसका यौन शोषण किया गया. दरिंदगी के दौरान आरोपी ने पीड़िता का अश्लील वीडियो भी बना लिया.
वीडियो वायरल करने की धमकी देकर परेशान करता रहा फराज
पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद आरोपी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लगातार उसका शोषण करता रहा. हद तो तब हो गई जब आरोपी ने अपने दोस्तों और भाई के साथ भी शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया. जब युवती ने शादी की बात की तो फराज ने साफ कह दिया कि शादी तभी होगी जब वह धर्म परिवर्तन करेगी. इस बीच 22 मार्च को आरोपी ने पीड़िता के पिता और जान पहचान के लोगों को उसका वीडियो भेज दिए. जब पीड़िता ने इसकी शिकायत करने की बात कही तो आरोपी ने इस वीडिया को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देते हुए जान से मारने की बात कही.
ऐसे पकड़ा गया आरोपी
जानकीपुरम थाना प्रभारी विनोद कुमार तिवारी ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर गुरुवार को मुकदमा दर्ज किया गया था. पुलिस की एक टीम गठित कर आरोपी की तलाश शुरू की गई और शुक्रवार को घेराबंदी कर सलीम तिराहे के पास से मोहम्मद फराज को दबोच लिया गया. पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस साजिश में आरोपी के परिवार या दोस्तों की भी कोई भूमिका थी. आरोपी के मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि डिलीट किए गए वीडियो और साक्ष्यों को बरामद किया जा सके.
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