मूर्ति देवी-मालती देवी महिला सम्मान समारोह में अखिलेश यादव ने इन लोगों को किया सम्मानित, क्या चुनाव में मिलेगा इसका फायदा

समाजवादी पार्टी ने आयोजित किया 'मूर्ति देवी मालती देवी महिला सम्मान समारोह'. क्रिकेटर पूनम यादव, डॉ. कमर रहमान और डॉ. रीता चौधरी समेत कई हस्तियां सम्मानित.

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यूपी तक

22 Mar 2026 (अपडेटेड: 22 Mar 2026, 01:39 PM)

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Akhilesh Yadav: समाज में बदलाव की मशाल थामने वाली महिलाओं के सम्मान में आज समाजवादी पार्टी ने  मूर्ति देवी-मालती देवी महिला सम्मान आयोजित किया. इस समारोह में खेल जगत की चमकती सितारा क्रिकेटर पूनम यादव से लेकर विज्ञान और मानवाधिकार के क्षेत्र में सक्रिय महिलाओं को सम्मानित किया गया. पार्टी ने वीरांगना ऊदा देवी, झलकारी बाई और सावित्रीबाई फुले जैसी महान हस्तियों के नाम पर सम्मान देकर पीडीए यानी दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक विमर्श को भी मजबूती दी है. अखिलेश यादव की इस शुरुआत को महिला वोटर्स को साधने की कोशिश बताया जा रहा है. ऐसे में अब आने वाले विधानसभा चुनाव में ये देखना दिलचस्प होगा कि क्या इसका फायदा अखिलेश यादव को मिलता है या नहीं.

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खेल और बहादुरी में नारी शक्ति

खेल के क्षेत्र में देश का नाम रोशन करने वाली क्रिकेटर पूनम यादव को 'रानी लक्ष्मीबाई सम्मान' से नवाजा गया. वहीं अदम्य साहस और बहादुरी के लिए रीमा गौतम को 'फूलन देवी सम्मान' दिया किया गया. जनजागरण के क्षेत्र में सक्रिय रोशनी को 'ऊदा देवी झलकारी बाई सम्मान' दिया गया.

शिक्षा, विज्ञान और चिकित्सा में योगदान

शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. रीता चौधरी और कहकशा अरबी को 'सावित्रीबाई फुले फातिमा शेख सम्मान' मिला. विज्ञान के क्षेत्र में डॉ. कमर रहमान को 'डॉ. सावित्री सनी सम्मान' और चिकित्सा सेवा के लिए डॉ. नैय्यरा शकील को 'डॉ. रमा यादव सम्मान' से सम्मानित किया गया.

साहित्य, पत्रकारिता और कला का संगम

पत्रकारिता में डॉ. माधुरी काकोटी और अजीज कविश लेनिन को 'महादेवी वर्मा सम्मान' दिया गया. साहित्य के लिए डॉ. रेनू यादव और उर्दू साहित्य के लिए डॉ. सबीहा अनवर को सम्मानित किया गया. लोकनाट्य में मधु अग्रवाल को 'गुलाब बाई सम्मान' और थिएटर/फिल्म के लिए अर्चना आर्य को 'जद्दन बाई सम्मान' मिला.

सामाजिक न्याय और मानवाधिकार

सांप्रदायिक सौहार्द के लिए सुमन पांडे और बुशरा को 'बेगम हजरत महल सम्मान' दिया गया. मानवाधिकारों की लड़ाई के लिए शहनाज सिद्दीकी को 'सरोजिनी नायडू सम्मान' और दलित विमर्श में योगदान के लिए डॉ. प्रियंका सोनकर को 'सरस्वती अम्माल अलामेलु अम्माल सम्मान' से नवाजा गया.