LPG क्राइसिस के बीच लखनऊ में रेड मारने पहुंची ADM ज्योति गौतम गैस एजेंसी के अंदर का हाल देख चौंकीं!

ADM Jyoti Gautam Raid Lucknow: LPG कालाबाजारी पर सीएम योगी के निर्देश के बाद लखनऊ प्रशासन का बड़ा एक्शन. एडीएम ज्योति गौतम ने चौक की गैस एजेंसी पर मारी रेड. सर्वर डाउन और ओटीपी न आने से परेशान ग्राहकों की सुनी समस्या. कालाबाजारी करने वालों पर FIR दर्ज.

ADM Jyoti Gautam

समर्थ श्रीवास्तव

16 Mar 2026 (अपडेटेड: 16 Mar 2026, 01:18 PM)

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ADM Jyoti Gautam Raid Lucknow: LPG गैस सिलेंडर की कालाबाजारी को लेकर सीएम योगी के निर्देश के बाद प्रशासन लगातार एक्शन मोड में हैं. लखनऊ के चौक इलाके में एडीएम ज्योति गौतम ने अपनी टीम के साथ गैस एजेंसियों पर छापेमारी की. इस दौरान लोगों ने बताया कि गैस की किल्लत के साथ-साथ ओटीपी और सर्वर की तकनीकी दिक्कतों ने उनकी परेशानी को दोगुना कर दिया है. 

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सर्वर डाउन का बहाना या तकनीकी समस्या?

रेड के दौरान एडीएम के सामने ही उपभोक्ता और गैस एजेंसी संचालक भिड़ गए. उपभोक्ताओं का आरोप है कि वे हफ्तों से चक्कर काट रहे हैं. लेकिन उन्हें सिलेंडर नहीं मिल रहा.वहीं एजेंसी संचालकों का तर्क है कि ओटीपी आधारित डिलिवरी सिस्टम के कारण सर्वर पर लोड है जिससे डीएससी (DSC) नंबर जेनरेट नहीं हो पा रहे. कई ग्राहकों के मोबाइल नंबर गलत होने की वजह से भी ओटीपी नहीं आ रहा जिससे डिलिवरी ठप पड़ी है.

एडीएम ज्योति गौतम ने बताया कि अब तक कई जगहों पर छापेमारी की गई है जहां कालाबाजारी और अवैध स्टॉकिंग की पुष्टि होने पर कड़ी कार्रवाई की गई है. दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी एजेंसी सिलेंडर होल्ड नहीं कर सकती.क्योंकि पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन मॉनिटर की जा रही है.

कमर्शियल सिलेंडर पर फिलहाल रोक

प्रशासन ने प्राथमिकता तय करते हुए कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर अभी रोक लगा रखी है. एडीएम ने बताया कि फिलहाल पूरा ध्यान घरेलू उपभोक्ताओं (Domestic Users) की मांग पूरी करने पर है. हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले कुछ दिनों में स्थिति सामान्य होने पर कमर्शियल सप्लाई भी बहाल कर दी जाएगी.

एडीएम के कड़े निर्देश

निरीक्षण के दौरान एडीएम ने एजेंसी संचालकों को निर्देश दिया कि वे मोबाइल ऐप का डिस्क्रिप्शन बाहर चस्पा करें और काउंटर्स को डिवाइड करें ताकि लोगों को सही जानकारी मिल सके. उन्होंने अधिकारियों को फील्ड पर रहकर सीधे उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए हैं.