यूपी ने देश को दिया सबसे बड़ा एयरपोर्ट, PM मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया उद्घाटन, इसकी एक-एक खासियत देखिए

Jewar International Airport Inauguration:पीएम मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का भव्य उद्घाटन किया. 29,560 करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट से अप्रैल अंत तक उड़ानें शुरू होंगी.

Jewar International Airport Inauguration

यूपी तक

28 Mar 2026 (अपडेटेड: 28 Mar 2026, 12:36 PM)

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Jewar International Airport Inauguration:ग्रेटर नोएडा के जेवर में बनें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का पीएम मोदी ने उद्घाटन किया. इस दौरान सीएम योगी, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद रहे. जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन होने के बाद अब अप्रैल महीने के अंत तक उड़ाने शुरू होने की उम्मीद की जा रही है. बता दें कि नोएडा एयरपोर्ट का निर्माण कार्य अभी जारी है. पहले फेज का निर्माण कार्य पूर्ण होने और फ्लाइट्स शुरू होने के बाद यह देश का पांचवां सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा. इस परियोजना की अनुमानित लागत 29,560 करोड़ रुपये है और इसका उद्देश्य जेवर को उत्तर भारत के लिए एक प्रमुख विमानन केंद्र के रूप में स्थापित करना है.  

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सीएम योगी ने कही ये बात

उद्घाटन समारोह के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश को विकास में बाधा के रूप में देखा जाता था.लेकिन अब “डबल इंजन सरकार” के कारण प्रदेश ने तेजी से विकास की गति पकड़ी है और नई पहचान बनाई है. योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इस एयरपोर्ट का शिलान्यास 25 नवंबर 2021 को हुआ था और अब उसके पहले चरण का उद्घाटन हो रहा है. उन्होंने कहा कि यह “डबल इंजन की स्पीड” का ही परिणाम है कि इतनी तेजी से यह परियोजना जमीन पर उतरी. 

सीएम योगी ने एक्स पर ये लिखा

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन होते ही सीएम योगी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा 'आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के कर-कमलों से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के प्रथम चरण के उद्घाटन समारोह में...

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की खासियत

पहले चरण में एयरपोर्ट की क्षमता सालाना 1.2 करोड़ (12 मिलियन) यात्रियों को संभालने की है. यहा 3,900 मीटर लंबा रनवे बनाया गया है जो वाइड-बॉडी विमानों के लिए उपयुक्त है. यह एयरपोर्ट पूरी तरह शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य पर आधारित है. यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित इस एयरपोर्ट को सड़क, रेल और मेट्रो से जोड़कर एक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया गया है.  इसके साथ ही एयरपोर्ट को यमुना एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ा गया है. भविष्य में इसे 72 किमी लंबी RRTS (गाजियाबाद-जेवर) और मेट्रो से भी जोड़ा जाएगा.एयरपोर्ट केवल यात्रियों के लिए ही नहीं औद्योगिक विकास के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होगा.एयरपोर्ट से सीधे तौर पर 50,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है.