UP News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में 6 साल की बच्ची के साथ रेप किया गया. इसके बाद सिस्टम ने भी 9 घंटे तक मासूम को तड़पाया. बच्ची के परिजन बेटी को लेकर यहां-वहां भागते रहे-भटकते रहे. मगर 9 घंटे तक रेप पीड़िता बच्ची को इलाज नहीं मिला. मासूम के इलाज के लिए मां-पिता बच्ची को लेकर दोपहर 2 बजे से लेकर 11 बजे तक भटकते रहे. मगर उसे कहीं इलाज नहीं दिया गया. इस दौरान 9 घंटे तक मासूम तड़पती रही और परिजन उसका दर्द देखते रहे.
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इसी के साथ गाजीपुर में इंसानियत की भी धज्जियां उड़ गईं. इस उम्र में 6 साल की मासूम ने जो-जो भुगता, उसने हर किसी को हिला कर रख दिया. अब इस मामले से गाजीपुर में हड़कंप मचा हुआ है. गाजीपुर जिला अस्पताल की ये शर्मनाक लापरवाही अब जबरदस्त चर्चाओं में आ गई है.
क्या-क्या हुआ?
गाजीपुर के नंदगंज थाना क्षेत्र में 6 साल की बच्ची का रेप हुआ. आरोपी भी नाबालिग है. पुलिस ने केस दर्ज किया. फिर बच्ची को इलाज के लिए भेज दिया. परिजन बच्ची को लेकर दोपहर 2 बजे गाजीपुर मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में पहुंच गए. मगर रात 11 बजे तक बच्ची का इलाज शुरू नहीं हो पाया.
परिजन परेशान होते रहे. यहां-वहां भागते रहे. बच्ची दर्द से तड़पती रही. मगर उसका इलाज नहीं किया गया. इसके बाद परिजन भड़क गए. फिर जब मामला फैला, तब जाकर सिस्टम नींद से जागा और बच्ची का इलाज किया गया.
शर्मनाक लापरवाही
बताया जा रहा है कि मेडिकल कॉलेज और सीएमओ कार्यालय के बीच तालमेल की कमी की वजह से ऐसा हुआ. महिला चिकित्सालय के डॉक्टरों ने मेडिकल-लीगल प्रक्रिया का हवाला देते हुए बच्ची को जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया, लेकिन वहां भी इलाज शुरू नहीं हुआ.
सीएमओ गाजीपुर का कहना है कि ये दोनों अस्पताल चिकित्सा शिक्षा विभाग यानी मेडिकल कॉलेज के अधीन हैं और उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं. मगर जब पीड़ित परिजनों ने हंगामा किया तो मौके पर जिला महिला अस्पताल की डॉक्टर्स आ गईं. मगर उन्होंने ये दलील दी कि ये मामला पॉक्सो का है. मामला मेडिकल लीगल टीम को भेजा गया है. उसके बिना इलाज संभव नहीं है.
इसके बाद मां-पिता बच्ची को गोद में लेकर इलाज के लिए भटकते रहे. मामले का पता चलते ही स्थानीय लोग भी मौके पर आ गए. महिला अस्पताल के बाहर हंगामा होने लगा. पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए. इसके बाद सीएमओ ने कहा कि संबंधित अस्पताल मेडिकल कॉलेज के अधीन आता है. मगर बच्ची का इलाज होगा. इसके बाद बच्ची का इलाज किया गया. 9 घंटे बाद रेप पीड़िता 6 साल की बच्ची को इलाज मिला. फिलहाल ये मामला चर्चाओं में बना हुआ है और इसने एक बार फिर सिस्टम की लापरवाही की पोल खोल दी है.
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