UP News: हापुड़ के बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर रुस्तमपुर गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर करीब 7 महीने पहले दफनाए गए आरिश के शव को कब्र से निकाला गया है और अब शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. दरअसल आरिश के परिजनों ने बेटे की मौत को संदिग्ध बताया था. उनका कहना है कि आरिश की हत्या की गई थी.
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आरिश की मां का कहना है कि उनके बेटे को गोली मारी गई थी. मगर बिना कानूनी कार्रवाई के शव को दफना दिया गया था. इसके बाद मामला हाईकोर्ट गया था. ऐसे में अब हाईकोर्ट के आदेश पर मौत के 7 महीने बाद शव को कब्र से निकाला गया है. बता दें कि परिजनों ने मृतक की पत्नी पर हत्या का आरोप लगाया है. मगर आरिश की मौत के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी को क्लीन चिट दे दी थी. इसके बाद परिवार इंसाफ के लिए हाईकोर्ट चला गया था.
क्या है पूरा मामला?
आपको बता दें कि यह मामला लगभग सात महीने पुराना है. मोहम्मद रुस्तमपुर गांव निवासी आरिश के कमरे से 8 अगस्त 2025 की रात करीब 12 बजे गोली चलने की आवाज आई थी. गोली की आवाज सुनकर आरिश की मां फलक नाज सहित परिजन कमरे में पहुंचे तो आरिश खून से लथपथ पड़ा मिला. अस्पताल ले जाते समय आरिश की रास्ते में मौत हो गई थी.
आरिश का निकाह अप्रैल 2025 में बिजनौर निवासी राहिमा से हुआ था. बताया जा रहा है कि शादी के बाद से ही दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे. पत्नी राहिमा का कहना था कि यह शादी उसकी मर्जी के खिलाफ हुई थी, जिसके चलते घर में तनाव बना रहता था. घटना के समय पुलिस ने इसे तनाव के कारण की गई आत्महत्या मान लिया था और बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के शव को दफना दिया गया था.
कोर्ट के आदेश के बाद लिया गया एक्शन
अब इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद स्थानीय मजिस्ट्रेट, पुलिस बल और स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव के कब्रिस्तान पहुंची और ग्रामीणों व परिजनों की मौजूदगी में कब्र की खुदाई करने के बाद आरिश के शव के अवशेष बाहर निकाले गए.
इस मामले को लेकर थाना बहादुरगढ़ प्रभारी धीरज मलिक ने बताया, उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. फॉरेंसिक टीम और डॉक्टरों का पैनल इस मामले की गहराई से जांच करेगा. पीएम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असल वजह सामने आएगी. जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, सख्त एक्शन लिया जाएगा.
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