यूपी बना देश का MSME हब: 96 लाख इकाइयों के साथ उत्तर प्रदेश नंबर-1, 9 वर्षों में करोड़ों को मिला रोजगार

UP Becomes India's MSME Hub: उत्तर प्रदेश 96 लाख MSME इकाइयों के साथ बना देश का सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र. योगी सरकार की ODOP, विश्वकर्मा श्रम सम्मान और युवा उद्यमी योजनाओं ने बदली प्रदेश की तस्वीर. जानें कैसे यूपी बन रहा है 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

यूपी तक

• 09:40 AM • 28 Mar 2026

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बीते 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश की आर्थिक तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. कभी पलायन के लिए मजबूर होने वाला यह राज्य आज सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) के क्षेत्र में देश का नेतृत्व कर रहा है. 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों के साथ उत्तर प्रदेश आज भारत का सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र बन गया है. यह उपलब्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गांव-गांव तक पहुँचे रोजगार और आत्मनिर्भरता की जीती-जागती कहानी है.

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रोजगार का सबसे बड़ा आधार बना MSME सेक्टर

राज्य सरकार ने एमएसएमई को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ के रूप में विकसित किया है. आसान लोन, बेहतर प्रशिक्षण और ग्लोबल मार्केट तक पहुंच सुनिश्चित कर करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव लाया गया है.

प्रमुख योजनाओं का रिपोर्ट कार्ड

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान: इसके तहत 1,47,312 युवाओं को लाभ मिला, जिससे 4.51 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए. सरकार का लक्ष्य हर साल 1 लाख नई सूक्ष्म इकाइयां स्थापित करना है.

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना: 37,280 लाभार्थियों को ₹94,086 लाख की मार्जिन मनी दी गई, जिससे करीब 3 लाख लोगों को काम मिला.

PMEGP: प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के माध्यम से 32,936 लाभार्थियों को ₹1,10,550 लाख की सहायता मिली, जिससे 2.63 लाख रोजगार पैदा हुए.

ODOP: स्थानीय हुनर को मिली वैश्विक पहचान

'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ODOP) योजना योगी सरकार की सबसे सफल पहलों में से एक रही है. इसने यूपी के पारंपरिक उत्पादों (जैसे कन्नौज का इत्र, अलीगढ़ के ताले, भदोही के कालीन) को ग्लोबल मार्केट से जोड़ा है. ओडीओपी के तहत 20,396 लोगों को ₹90,364 लाख की सहायता दी गई, जिससे 3.26 लाख रोजगार सृजित हुए. ओडीओपी की सफलता के बाद अब सरकार 'एक जनपद एक व्यंजन' (ODOC) पहल शुरू कर रही है, जिससे स्थानीय खान-पान और पर्यटन को नई पहचान मिलेगी.

विश्वकर्मा श्रम सम्मान: कारीगरों का बढ़ा मान

पारंपरिक कारीगरों (बढ़ई, दर्जी, लोहार, कुम्हार, सुनार आदि) को सशक्त बनाने के लिए 2019 से संचालित इस योजना ने क्रांतिकारी बदलाव किया है. अब तक 4.20 लाख से अधिक कारीगरों को आधुनिक टूलकिट और प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिससे उनकी आय और कार्यक्षमता में भारी वृद्धि हुई है.

भविष्य का विजन: ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश सरकार अब एमएसएमई को ग्लोबल सप्लाई चेन से जोड़ने और तकनीकी रूप से अपग्रेड करने पर ध्यान दे रही है.

  • प्लेज स्कीम 2023: उद्योगों के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के उद्देश्य से इसे लागू किया गया है.
  • औद्योगिक जोन: हर जनपद में सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लायमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन स्थापित किए जाएंगे.
  • निर्यात पर फोकस: यूपी का हुनर अब केवल देश तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों में भी डंका बजा रहा है.

96 लाख इकाइयों का यह नेटवर्क उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. 'गांव से ग्लोबल' तक पहुंचने का यह सफर यूपी के नए भारत की पहचान बन गया है.