Lucknow Fake MEA Officer Case: लखनऊ के गोमतीनगर स्थित होटल क्रिस्टेलिया में 15 अगस्त की रात फर्जी छापेमारी का मामला सामने आया है. आरोप है कि दो युवक खुद को विदेश मंत्रालय का सेक्शन अफसर बताकर होटल में दाखिल हुए और तुर्किए की एक महिला की तलाश के नाम पर कमरों की तलाशी लेने लगे. दोनों ने होटल मैनेजर और कर्मचारियों पर रौब जमाने के लिए कथित पहचान पत्र भी दिखाया. शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
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खुद को बताया विदेश मंत्रालय का अधिकारी
होटल मैनेजर सर्वोत्तम पाठक की तहरीर के मुताबिक, 15 अगस्त की रात एक कार होटल के गेट पर आकर रुकी. कार में एक व्यक्ति बैठा रहा, जबकि दो युवक होटल के अंदर पहुंचे. आरोप है कि दोनों ने होटल का गेट अंदर से लॉक कर दिया और मैनेजर को अपने पास बुलाया. इसके बाद उन्होंने खुद को विदेश मंत्रालय से आया अधिकारी बताया और कथित पहचान पत्र दिखाते हुए होटल की तलाशी लेने की बात कही.
तुर्किए की महिला की तलाश का दिया हवाला
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी होटल में मौजूद मेहमानों की जानकारी जुटाने लगे. उन्होंने रिसेप्शन पर रखा एंट्री रजिस्टर चेक किया और एक-एक कमरे को खुलवाकर तलाशी लेने की कोशिश की. बताया जा रहा है कि दोनों तुर्किए की एक महिला की तलाश के नाम पर होटल पहुंचे थे. पुलिस को आरोपियों के पास से विदेश मंत्रालय के सेक्शन अफसर के नाम और फोटो वाला कथित पहचान पत्र भी मिला है.
कर्मचारियों को धमकाने का भी आरोप
आरोप है कि फर्जी अधिकारी बनकर पहुंचे युवकों ने होटल मैनेजर को जेल भेजने की धमकी देकर दबाव बनाया. विरोध करने पर दो होटल कर्मचारियों का कथित तौर पर गला दबाने का भी आरोप है. इस दौरान होटल मैनेजर और दूसरे स्टाफ को बंधक जैसी स्थिति में रखा गया. घटना से घबराए होटल मैनेजर ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की.
दो आरोपी गिरफ्तार, तीसरे की तलाश
पुलिस ने मामले में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. इनमें से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मेरठ के भवानपुर किला रोड निवासी शिवम चौहान और नोएडा सेक्टर-120 स्थित प्रतीक लोरेन निवासी अभिनव सिंह के रूप में हुई है. पुलिस अब मामले में शामिल तीसरे व्यक्ति की भूमिका की भी जांच कर रही है.
फर्जी ID कार्ड ने बढ़ाई जांच
अपर पुलिस उपायुक्त पूर्वी अमोल मुरकुट के मुताबिक, आरोपियों के पास से विदेश मंत्रालय का सेक्शन अफसर लिखा हुआ फोटोयुक्त पहचानपत्र बरामद हुआ है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों आरोपी वास्तव में किस मकसद से होटल पहुंचे थे और तुर्किए की महिला की तलाश करने के पीछे उनकी असली वजह क्या थी. पुलिस फर्जी पहचान पत्र के स्रोत और उसके इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है.
होटल में फर्जी रेड से सुरक्षा पर सवाल
पुलिस ने होटल मैनेजर की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है. फर्जी सरकारी पहचान का इस्तेमाल करने, होटल में जबरन तलाशी लेने, कर्मचारियों को धमकाने और कथित मारपीट से जुड़े आरोपों में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. इस घटना ने लखनऊ में फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर होटल या अन्य प्रतिष्ठानों में पहुंचने की कोशिश को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं. पुलिस के मुताबिक, जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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