केशव प्रसाद मौर्य का हेलीकॉप्टर ज्यों ही उड़ा निकलने लगा धुआं! आपात लैंडिंग के बाद ये हुआ

Keshav Prasad Maurya Helicopter Emergency Landing: लखनऊ से कौशांबी जाते समय डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी. धुएं के बीच पायलट ने की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग। जानें विमान में धुआं दिखने पर क्या हैं सुरक्षा प्रोटोकॉल.

Keshav Prasad Maurya

कुमार अभिषेक

07 Mar 2026 (अपडेटेड: 07 Mar 2026, 12:26 PM)

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उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के हेलीकॉप्टर की शनिवार को लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी. जानकारी के अनुसार, डिप्टी सीएम लखनऊ से कौशांबी के एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हुए थे, लेकिन टेक-ऑफ के कुछ ही मिनटों बाद हेलीकॉप्टर से धुआं निकलता दिखाई दिया.

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क्या हुआ आसमान में?

जैसे ही हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी, पायलट को धुआं और तकनीकी गड़बड़ी का आभास हुआ. बताया जा रहा है कि तकनीकी समस्या के बाद पूरा हेलीकॉप्टर धुएं से भर गया था. हालांकि, पायलट ने धैर्य नहीं खोया और उनकी सूझबूझ से हेलीकॉप्टर को सुरक्षित वापस लखनऊ उतार लिया गया. राहत की बात यह है कि इस घटना में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और उनके साथ मौजूद सभी स्टाफ पूरी तरह सुरक्षित हैं.

क्या होती है 'इमरजेंसी लैंडिंग' और यह कितनी चुनौतीपूर्ण है?

जब किसी विमान या हेलीकॉप्टर में उड़ान के दौरान ऐसी तकनीकी खराबी आ जाए जिससे सुरक्षित उड़ान जारी रखना संभव न हो, तो पायलट 'इमरजेंसी लैंडिंग' का फैसला लेता है. पायलट तुरंत निकटतम हवाई अड्डे को रेडियो सिग्नल के जरिए 'मेडे' (Mayday) या 'पैन-पैन' (Pan-Pan) कॉल भेजता है. एटीसी उस समय अन्य सभी विमानों को रोककर आपातकालीन विमान को लैंडिंग के लिए सबसे पहले रास्ता देता है. रनवे पर एम्बुलेंस और फायर टेंडर (दमकल की गाड़ियां) तैनात कर दी जाती हैं ताकि लैंडिंग के समय अगर आग लगे या कोई चोट आए, तो तुरंत मदद मिल सके.

विमान में धुआं दिखने पर क्या करना चाहिए?

ऐसी आपात स्थितियों में यात्रियों और क्रू के लिए कुछ मानक प्रक्रियाएं (SOP) तय होती हैं. पैनिक करने से स्थिति और बिगड़ सकती है. पायलट और क्रू के निर्देशों का पालन करें. अगर केबिन में धुआं भर रहा है, तो धुआं ऊपर की ओर उठता है. फर्श के करीब रहने से सांस लेने में आसानी होती है. लैंडिंग के दौरान अपनी सीट बेल्ट को कसकर बांधे रखें और 'ब्रेक पोजीशन' (सिर घुटनों के बीच) में आ जाएं. पायलट तुरंत बिजली की सप्लाई काटकर आग बुझाने वाले सिस्टम (Fire Suppression System) को सक्रिय कर देता है.

फिलहाल तकनीकी टीम हेलीकॉप्टर की जांच कर रही है कि धुआं निकलने का असली कारण शॉर्ट सर्किट था या इंजन में कोई और खराबी. इस घटना ने एक बार फिर वीवीआईपी (VVIP) विमानों के रखरखाव और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर चर्चा छेड़ दी है. गनीमत रही कि समय रहते खराबी का पता चल गया और एक बड़ी दुर्घटना टल गई.