लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन बिल के गिरने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इस मुद्दे को लेकर शनिवार से देशव्यापी प्रदर्शन की शुरुआत हो रही है. इसी कड़ी में राजधानी लखनऊ में देर रात उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के नेतृत्व में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया.
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आधी रात को जलाया कांग्रेस-सपा का झंडा
शनिवार की रात करीब 12 बजे अपर्णा यादव और बीजेपी महिला कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का झंडा फूंका. इस दौरान अपर्णा यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पंक्तियों को दोहराते हुए कहा, "काली रात है, सूरज उगेगा और फिर से कमल खिलेगा."
उन्होंने विपक्षी पार्टियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों का विरोध करने वाले विधर्मियों का हश्र ऐसा ही होगा और ये पार्टियां जल्द खत्म हो जाएंगी. बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव और कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इसे नारी शक्ति की अस्मिता का अपमान बताया.
अपर्णा यादव ने फेसबुक पर लिखा, "आज इस अंधेरी रात में मैं इन दुर्योधन और दुश्शासन रूपी राजनैतिक पार्टियों का झंडा जला कर सम्पूर्ण भारतीय नारी शक्ति की अस्मिता की ज्योति जलाने आयी हूं. एक नारी होकर अगर आज मैं चुप रह जाती तो मेरी अंतरात्मा मुझे कभी माफ नहीं करती. इस प्रदर्शन के माध्यम से आज मैं इन विधर्मियों को बताने आयी हूँ कि भारतीय नारी के अधिकारों का विरोध इनको इनके सम्पूर्ण नाश से चुकाना होगा. देश की मात्र शक्ति और सारा देश इन कलयुगी दुश्शाशनों को को कभी माफ नहीं करेगा. जिस देश के बेटे कारगिल की बर्फीली चोटियों पर दुर्गा माता की जय बोल कर मौत से भी लड़ जाते हैं, वो देश इन महिला विरोधी ताकतों का सर कुचल कर रहेगा."
'नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी'
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने साफ कहा कि औरतों के हक में आने वाले बिल को रोकने वालों को देश की नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी. अपर्णा यादव ने चेतावनी दी कि इन कृत्यों के गंभीर परिणाम विपक्ष को भुगतने होंगे. इससे पहले शुक्रवार को संसद के मकर द्वार पर भी बीजेपी महिला सांसदों ने कांग्रेस के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया था. अब शनिवार से शुरू हो रहे देशव्यापी आंदोलनों में एनडीए के सहयोगी दल भी शामिल होंगे.
सदन के आंकड़े, क्यों गिरा बिल?
131वां संविधान संशोधन बिल पारित होने के लिए लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी, लेकिन यह बिल जरूरी जादुई आंकड़े को छूने में विफल रहा.
- जरूरी वोट: 352
- पक्ष में पड़े वोट: 298
- विपक्ष में पड़े वोट: 230
- कुल मतदान: 528
सरकार इस बिल को पास कराने के आंकड़े से महज 54 वोट पीछे रह गई, जिसके बाद अब बीजेपी इसे सड़क पर लेकर उतर रही है.
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