Professor Paramjit Singh Arrested: लखनऊ विश्वविद्याल से एक ऐसा शर्मनाक मामला सामने आया है जिसने हर किसी को चौंका दिया है. यूनिवर्सिटी के साइंस फैकल्टी में तैनात एक असिस्टेंट प्रोफेसर परमजीत सिंह पर आरोप लगा है कि उसने एक छात्रा का मानसिक और शारीरिक शोषण करने के इरादे से उसे परीक्षा का पेपर लीक करने का लालच दिया. आरोप है कि प्रोफेसर ने बीएसी की स्टूडेंट को फोन कर कहा कि 'डार्लिंग मैंने तुम्हारे लिए पेपर आउट करा दिया है.' छात्रा के साथ प्रोफेसर की इस गंदी और अमर्यादित बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया. मामला सुर्खियों में आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया है.
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वायरल ऑडियो ने खोली पोल
मिली जानकारी के मुताबिक, जूलॉजी विभाग में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर परमजीत सिंह और एक छात्रा के बीच फोन पर हुई बातचीत का एक ऑडियो रिकॉर्डिंग तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो गया. कथित ऑडियो में प्रोफेसर परमजीत सिंह बीएससी फाइनल ईयर की एक छात्रा पर छुट्टी से जल्दी वापस आने का दबाव बना रहे हैं. ऑडियो में प्रोफेसर को कथित रूप से यह कहते सुना जा सकता है, 'डॉर्लिंग, तुम्हारे लिए पेपर आउट करा दिया है. एग्जाम से पहले घर से आ जाओ. यहां पेपर तुम्हें दे देते हैं.' इस घिनौनी हरकत के बाद पीड़ित छात्रा मानसिक रूप से प्रताड़ित है और परिसर में खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है.
हसनगंज थाने में प्रोफेसर के खिलाफ FIR
मामला जैसे ही विश्वविद्यालय प्रशासन के संज्ञान में आया हड़कंप मच गया. परिसर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने तुरंत हसनगंज थाने में आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ लिखित तहरीर दी. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज की और आरोपी प्रोफेसर परमजीत सिंह को अपनी हिरासत में ले लिया. फिलहाल पुलिस आरोपी से कड़ी पूछताछ कर रही है और विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी आंतरिक जांच के लिए एक हाई-लेवल कमेटी का गठन कर दिया है.
प्रोफेसर ने दी ये सफाई
हिरासत में लिए जाने से पहले प्रोफेसर परमजीत सिंह ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया था. उन्होंने दावा किया कि विश्वविद्यालय की "आंतरिक राजनीति" के चलते उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है और निशाना बनाया जा रहा है.
ABVP का फूटा गुस्सा
इस शर्मनाक घटना के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) लखनऊ विश्वविद्यालय इकाई ने इस कृत्य की कड़े शब्दों में घोर निंदा की है. अभाविप के इकाई अध्यक्ष जय श्रीवास्तव ने तीखा रुख अपनाते हुए कहा कि 'एक प्रतिष्ठित संस्थान में ऐसी कुत्सित मानसिकता रखने वाले शिक्षक के लिए कोई जगह नहीं है. हम विश्वविद्यालय प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करते हैं कि आरोपी शिक्षक परमजीत सिंह को अविलंब सेवा से बर्खास्त किया जाए. अगर प्रशासन ने जल्द ही कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की तो विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता सड़कों पर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.'
हसनगंज पुलिस के मुताबिक प्रोफेसर के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है. उत्तर प्रदेश के सख्त कानूनों के तहत परीक्षा की गोपनीयता भंग करने और छात्रा के उत्पीड़न के प्रयास के मामले में आरोपी को सख्त सजा दिलाने की तैयारी चल रही है. इस घटना ने एक बार फिर विश्वविद्यालयों में छात्राओं की सुरक्षा और परीक्षाओं की गोपनीयता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
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