उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज सुबह वाहन स्वामियों को बड़ा झटका लगा, जब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई. इस इजाफे के बाद शहर में तेल की कीमतें अब तक के ऊंचे स्तर के करीब पहुंच गई हैं, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब और रसोई के बजट पर पड़ता दिख रहा है.
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लखनऊ में आज के नए दाम
आज हुई बढ़ोतरी के बाद लखनऊ में तेल की नई कीमतें कुछ इस प्रकार हैं:
- पेट्रोल: ₹97.51 प्रति लीटर
- डीजल: ₹90.89 प्रति लीटर
'आय स्थिर, खर्च बेहिसाब'... आम जनता का दर्द
सुबह सवेरे पेट्रोल पंपों पर तेल भरवाने पहुंचे नागरिकों के चेहरे पर मायूसी और गुस्सा साफ नजर आया. स्थानीय लोगों का कहना है कि महंगाई इस कदर बढ़ गई है कि अब सोना खरीदना तो एक सपना बन चुका है, लेकिन पेट्रोल-डीजल भरवाना मजबूरी है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर सवाल: प्रधानमंत्री की 'पब्लिक ट्रांसपोर्ट' इस्तेमाल करने वाली अपील पर लोगों का तर्क है कि हर जगह बस या मेट्रो की सुविधा उपलब्ध नहीं है. साथ ही, सार्वजनिक वाहनों का किराया भी तेल की कीमतों के साथ ही बढ़ जाता है.
एक नागरिक ने कहा, "हमारी आय नहीं बढ़ रही है, लेकिन महंगाई हर दिन रिकॉर्ड तोड़ रही है. अब पेट्रोल के पैसे निकालने के लिए घरेलू खर्चों और खाने-पीने की चीजों में कटौती करनी पड़ेगी."
BJP समर्थक भी हुए आगबबूला- 'समर्थक हैं तो क्या महंगाई नहीं लगेगी?'
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान एक दिलचस्प वाकया तब देखने को मिला जब बीजेपी की शर्ट पहने कुछ समर्थक भी तेल की बढ़ी कीमतों पर नाराजगी जताते मिले. जब उनसे पूछा गया कि आप तो समर्थक हैं, फिर विरोध क्यों? तो वे भड़क उठे. उन्होंने दो टूक कहा, "बीजेपी समर्थक हैं तो क्या हम पर महंगाई का असर नहीं होगा? यह पूरी तरह से गलत फैसला है."
कंपनियों पर निशाना
समर्थकों ने तेल कंपनियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि तेल कंपनियां हमेशा सिर्फ अपना मुनाफा देखती हैं, लेकिन इस बार उन्होंने आम आदमी का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है.
महंगाई की चौतरफा मार
शहर के व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों का मानना है कि डीजल की कीमतों में वृद्धि से माल ढुलाई महंगी होगी, जिससे आने वाले दिनों में फल, सब्जी और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं. फिलहाल, राजधानी की जनता में इस बढ़ोतरी को लेकर भारी असंतोष है.
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