UP News: कानपुर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के सामने ही एक ठग ने जालसाजी करने की कोशिश की. मगर कानपुर डीएम ने शख्स को पकड़ लिया. जिस तरह से शख्स ने डीएम दफ्तर में ही डीएम के सामने खुद की फर्जी पहचान बताई, उसे जान कर हर कोई हैरान है.
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क्या है पूरा मामला?
दरअसल कानपुर जिलाधिकारी कार्यालय में सोमवार को कलक्ट्रेट में आयोजित जनता दर्शन में डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह हर रोज की तरह जनसुनवाई कर रहे थे. मगर वहां हड़कंप मच गया. यहां एक शख्स आया और खुद को डीएसपी अधिकारी बताने लगा. शख्स ने बंदूक का लाइसेंस बनवाने की बात कही.,
युवक ने अपना नाम धर्मेंद्र शर्मा बताया. मगर जिलाधिकारी को उस पर शक हो गया. इसके चलते जिलाधिकारी ने शख्स से उसका आईडी कार्ड मांगा. जिलाधिकारी ने जैसे ही उसका आईडी कार्ड देखा, वह पूरा माजरा समझ गए. शख्स का आईडी कार्ड फर्जी था. ऐसे में जिलाधिकारी ने फौरन पुलिस को बुलाया और शख्स को पुलिस के हवाले कर दिया.
धर्मेंद्र शर्मा ने खुद को बताया डीएसपी
बता दें कि आरोपी धर्मेंद्र शर्मा ने पुलिसकर्मियों से खुद को डीएसपी बताया. मगर उसकी सच्चाई जिलाधिकारी ने पकड़ ली. दरअसल जिलाधिकारी ने आईडी कार्ड में भारत सरकार, साइबर क्राइम पुलिस हरियाणा, गृह मंत्रालय और साइबर क्राइम यूनिट के लोगो को देखा. तभी उन्हें शक हुआ कि ये फर्जी है. इसके बाद डीएम ने फौरन पुलिस को बुला लिया.
पुलिस ने ये कहा
इस पूरे मामले पर पुलिस ने कहा, कार्ड पर चकेरी थाने की मुहर भी लगी मिली. लिखा था कि कार्ड खोने पर गृह मंत्रालय में जमा करें. शख्स की बातचीत का तरीका और आईडी कार्ड संदिग्ध लगा. फिलहाल पुलिस उसके पते की जांच कर रही है. जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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