कुपोषण के खिलाफ यूपी की बड़ी जंग... CM योगी ने लॉन्च किया 'नवीन पोषाहार', अब बच्चों को मिलेगी बेसन बर्फी और माताओं को मूंग दाल खिचड़ी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से नवीन अनुपूरक पुष्टाहार योजना 2026 की शुरुआत की. अब यूपी के 1.3 करोड़ बच्चों और 22 लाख माताओं को आंगनबाड़ी से बेसन बर्फी, हलवा और मूंग दाल खिचड़ी के रूप में 10 नई रेसिपीज वाला पोषाहार मिलेगा.

नवीन अनुपूरक पुष्टाहार योजना

नवीन अनुपूरक पुष्टाहार योजना

यूपी तक

• 02:25 PM • 16 Jun 2026

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उत्तर प्रदेश को पूरी तरह कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक बेहद ऐतिहासिक कदम उठाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 14 जून 2026 को गोरखपुर से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन 2023 के तहत 'नवीन अनुपूरक पुष्टाहार योजना' का भव्य शुभारंभ किया. इस बेहद आधुनिक और वैज्ञानिक रूप से तैयार की गई पोषण योजना को लागू करने वाला उत्तर प्रदेश पूरे देश का पहला राज्य बन गया है. इस योजना की सबसे खास बात यह है कि अब आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से लाभार्थियों को पारंपरिक राशन की जगह स्वादिष्ट और पौष्टिक रेसिपीज के रूप में तैयार पुष्टाहार दिया जाएगा.

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पुरानी व्यवस्था बदली, अब मिलेंगी 10 स्वादिष्ट और पौष्टिक रेसिपीज

गोरखपुर के जिला कार्यक्रम अधिकारी अभिनव मिश्रा ने बताया कि पहले की व्यवस्था में सिर्फ गेहूं, दलिया, चना दाल और फोर्टीफाइड खाद्य तेल दिया जाता था. लेकिन अब लाभार्थियों के संपूर्ण शारीरिक और मानसिक पोषण को ध्यान में रखते हुए 7 अलग-अलग श्रेणियों के लाभार्थियों के लिए 10 प्रकार की विशेष रेसिपीज तैयार की गई हैं:

6 माह से 6 वर्ष के बच्चे: इन्हें शिशु अमृत, शिशु आहार (बेसन हलवा) और बाल पुष्टिकर (बेसन बर्फी) दी जाएगी.

कुपोषित बच्चे: इनके लिए विशेष रूप से आरोग्य पोषण, बाल संजीवनी और सक्षम पोषण (ऊर्जा युक्त हलवा) तैयार किया गया है.

गर्भवती एवं धात्री महिलाएं: माताओं को संपूर्ण मातृ आहार (आटा बेसन, सोया बर्फी और दलिया मूंग दाल खिचड़ी) उपलब्ध कराया जाएगा.

इन सभी नए पोषाहारों में कैलोरी और प्रोटीन के साथ-साथ शरीर के लिए जरूरी 11 अन्य आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व (माइक्रोन्यूट्रिएंट्स) शामिल किए गए हैं.

CM योगी ने खुद किया बच्चों का अन्नप्राशन 

गोरखपुर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम के दौरान पोषाहार की गुणवत्ता और इसके सही उपयोग को लेकर एक शॉर्ट फिल्म (लघु चलचित्र) भी दिखाई गई. इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद अपने हाथों से सात लाभार्थियों (श्रेजल, श्रृद्धि, अंशी, सोनी, अमृत, सान्वी और श्री) को इस नवीन अनुपूरक पुष्टाहार के पैकेट सौंपे.

इसी मंच से मुख्यमंत्री ने बाल विकास विभाग की नन्हें लाभार्थियों (अक्षिता, यमन वरुण और राम्या तिवारी) का अन्नप्राशन कराया और गर्भवती महिलाओं (कुमारी प्रीति, गुड़िया और आरती) का पारंपरिक तरीके से गोदभराई कार्यक्रम भी संपन्न किया.

चोरी रोकने के लिए GPS ट्रैकिंग और eLMD ऐप से होगी मॉनिटरिंग

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर जनता को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है. यह नया पुष्टाहार कुपोषण को जड़ से खत्म करने में निर्णायक साबित होगा.

इस विशाल योजना को पूरी तरह पारदर्शी बनाने और राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने तकनीक का सहारा लिया है. पोषाहार की सप्लाई के लिए जीपीएस (GPS) ट्रैकिंग प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा. इसके अलावा, रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए eLMD ऐप तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को पुष्टाहार की सटीक आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी.

करोड़ों बच्चों और लाखों माताओं को हर महीने मिलेगा लाभ

आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार की इस अति-महत्वाकांक्षी योजना से हर महीने राज्य के लगभग 1.3 करोड़ बच्चों और 22 लाख से अधिक गर्भवती व धात्री महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा. यह कदम 'सुपोषित उत्तर प्रदेश, सशक्त उत्तर प्रदेश' के संकल्प को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगा.

कार्यक्रम में ये दिग्गज रहे मौजूद

इस ऐतिहासिक लॉन्चिंग के दौरान बाल विकास विभाग एवं महिला कल्याण की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी, नाफेड के एमडी दीपक अग्रवाल, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की निदेशक हर्षिता माथुर, गोरखपुर के जिलाधिकारी दीपक मीणा, मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, उप निदेशक बाल विकास डॉ. अनुपमा शांडिल्य और जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अभिनव मिश्रा समेत तमाम सीडीपीओ और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहीं.