मुस्लिम पक्ष से कई दौर की हुई थी बातचीत... आगरा कॉलेज के सामने बीच सड़क बनी विवादित मजार को क्यों किया जा रहा शिफ्ट?

नितिन उपाध्याय

16 Jun 2026 (अपडेटेड: 20 Jul 2026, 12:00 PM)

Agra News: आगरा के एमजी रोड स्थित आगरा कॉलेज के सामने बीच सड़क बनी विवादित मजार को हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है. लंबे समय से इस मजार को लेकर विवाद चल रहा था और यातायात प्रभावित होने के कारण इसे हटाने की मांग उठ रही थी.

Agra Mazar News

Agra Mazar News

Google CTA

Agra Mazar Controversy: आगरा के एमजी रोड स्थित आगरा कॉलेज के सामने बीच सड़क बनी विवादित मजार को हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है. लंबे समय से इस मजार को लेकर विवाद चल रहा था और यातायात प्रभावित होने के कारण इसे हटाने की मांग उठ रही थी. प्रशासन और मुस्लिम पक्ष के बीच कई दौर की बातचीत के बाद सहमति बनी, जिसके तहत अब मजार को दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा है. पूरी कार्रवाई पुलिस बल की निगरानी और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच की जा रही है. सुरक्षा कारणों से एमजी रोड के संबंधित हिस्से पर आवाजाही भी रोक दी गई है.

यह भी पढ़ें...

यातायात बाधित होने का दिया गया था तर्क

एमजी रोड शहर के प्रमुख मार्गों में से एक माना जाता है. बीच सड़क स्थित मजार के कारण लंबे समय से यातायात प्रभावित होने और हादसों की आशंका जताई जा रही थी. इसी को आधार बनाकर प्रशासनिक स्तर पर समाधान तलाशने की कोशिशें की गईं. संबंधित पक्षों के साथ हुई चर्चाओं के बाद आखिरकार मजार की शिफ्टिंग पर सहमति बनी. 

कोर्ट में दायर हुआ था वाद

इस मामले को लेकर कानूनी लड़ाई भी चल रही थी. योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष और ताजमहल-तेजोमहालय मामले के पक्षकार हिंदूवादी नेता कुंवर अजय तोमर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में दोनों मजारों के ध्वस्तीकरण की मांग को लेकर वाद दायर किया था. वादी का आरोप था कि मजार और दरगाह सरकारी भूमि पर बनी हुई हैं.

कुंवर अजय तोमर ने इससे पहले 19 जनवरी 2026 को धारा 80 सीपीसी के तहत आगरा नगर निगम के नगर आयुक्त, पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता और जिलाधिकारी को नोटिस भेजा था. आरोप है कि निर्धारित समय सीमा में कोई जवाब या कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने 10 अप्रैल 2026 को अदालत का दरवाजा खटखटाया. इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश श्वेत्शा चंद्रा की अदालत ने जिलाधिकारी, नगर आयुक्त और पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता को समन जारी किए थे. मामले में अगली सुनवाई 21 जुलाई को प्रस्तावित है.

डिप्टी सीएम तक पहुंचा था मामला

बताया गया कि यह मामला उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तक भी पहुंचा था. उन्होंने भी अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे. वहीं, कुंवर अजय तोमर ने प्रशासन की कार्रवाई पर आभार व्यक्त करते हुए इसे अपनी बड़ी जीत बताया है. उनका कहना है कि इस कदम से आगरा के लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी और यातायात पहले की तुलना में सुचारु हो सकेगा.

आगे भी जारी रहेगी कानूनी लड़ाई?

कुंवर अजय तोमर ने कहा है कि उनकी लड़ाई यहीं खत्म नहीं होगी. उनका दावा है कि नागरी प्रचारिणी के पास स्थित दरगाह का भी एक हिस्सा अवैध निर्माण की श्रेणी में आता है और उस पर भी कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अदालत में दाखिल वाद में एमजी रोड की मजार और सामने बनी दरगाह दोनों शामिल हैं. इसके अलावा उन्होंने 27 मस्जिदों, मजारों और दरगाहों पर कार्रवाई की मांग को लेकर नगर निगम के नगर आयुक्त, पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता, जिलाधिकारी और छावनी परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को धारा 80 सीपीसी के तहत एक और नोटिस भी भेजा है.