'आप भविष्य में देश के प्रधानमंत्री के रूप में भी रहें...', CM योगी के सामने भावुक हुईं डॉ हीरा राशिद कौन हैं?

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून को पहली फ्लाइट ने उड़ान भरी. पहले यात्री बने जेवर के किसान लखनऊ में सीएम योगी से मिले, जहां एएमयू से एमबीबीएस करने वाली किसान की बेटी डॉ. हीरा राशिद ने सीएम योगी को पीएम बनते देखने की इच्छा जताई.

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• 11:54 AM • 16 Jun 2026

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जेवर के जिन खेतों में कुछ साल पहले विकास के सपने बोए गए थे, 15 जून को उसी धरती ने इतिहास रच दिया. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली टेस्ट फ्लाइट ने आसमान में उड़ान भरी. यह उड़ान सिर्फ एक विमान का सफर नहीं थी, बल्कि उन किसानों के अरमानों की नई ऊंचाई थी जिन्होंने देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट के लिए अपनी जमीनें दी हैं. इस ऐतिहासिक पल की सबसे खूबसूरत तस्वीर तब सामने आई, जब इस पहली फ्लाइट के यात्री कोई वीआईपी नहीं, बल्कि वही किसान बने जिनके त्याग और सहयोग की बुनियाद पर आज जेवर एयरपोर्ट खड़ा है.

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जेवर से उड़ान भरकर लखनऊ पहुंचे किसान, सीएम योगी से की मुलाकात

जेवर एयरपोर्ट से टेकऑफ करने के बाद किसान पहली उड़ान का सफर तय कर सीधे राजधानी लखनऊ पहुंचे. यहां किसानों के इस विशेष दल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. इस बेहद खास और भावुक संवाद के दौरान किसानों ने हवाई सफर के अपने अनुभव साझा किए और सरकार की नीतियों के प्रति आभार जताया. यह यात्रा केवल एक शहर से दूसरे शहर तक का सफर नहीं, बल्कि किसानों के संघर्ष और सम्मान के प्रतीक में बदल गई.

खेतों की पगडंडियों से लेकर डॉक्टर बनने तक का सफर- भावुक हुईं डॉ. हीरा राशिद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान जेवर की रहने वाली डॉ. हीरा राशिद बेहद भावुक नजर आईं. उन्होंने सीएम योगी के सामने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, "माननीय मुख्यमंत्री जी नमस्कार, मेरा नाम डॉ. हीरा राशिद है. मुझे यह कहते हुए बड़ा गर्व महसूस हो रहा है कि जिस भूमि पर मेरे पिताजी अन्न उगाते थे, आज उसी भूमि से उड़ान भरकर मैं आपसे मिलने आई हूं."

हीरा ने बताया कि एक समय उनके क्षेत्र में इंटरनेट, पढ़ाई की अच्छी सुविधाएं और स्कूल जाने के लिए बसें तक नहीं थीं. लेकिन जैसे-जैसे क्षेत्र में विकास हुआ और सुविधाएं बढ़ीं, उन्होंने बिना किसी कोचिंग के साल 2021 में नीट की परीक्षा पास की. इसके बाद उन्होंने एएमयू  से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की और आज वह एक डॉक्टर के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं.

सीएम योगी को भावी प्रधानमंत्री के रूप में देखने की इच्छा

संवाद के दौरान डॉ. हीरा राशिद ने पूरे विश्वास के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहा, "यह सब आपकी वजह से ही मुमकिन हो पाया है. मैं आपकी बहुत शुक्रगुजार हूं और मैं चाहती हूं कि आप भविष्य में देश के प्रधानमंत्री के रूप में भी रहें." डॉ. हीरा राशिद के इस बयान ने हॉल में मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. 

जमीन के मुआवजे से संवारा अपना भविष्य

इस विकास यात्रा के पीछे एक बड़ा त्याग भी छिपा है. एयरपोर्ट निर्माण के दौरान डॉ. हीरा राशिद के परिवार की लगभग 6 बीघा जमीन चली गई थी. लेकिन इस जमीन के बदले सरकार से जो मुआवजा मिला, उसे हीरा ने फिजूलखर्ची के बजाय अपने भविष्य को संवारने में लगाया. डॉक्टर बनने का सपना देखने वाली हीरा ने कड़ी मेहनत की और आज उनकी यह सफलता इस बात का बड़ा उदाहरण है कि अगर सही अवसर और दृढ़ संकल्प साथ हो, तो बदलाव सिर्फ जमीन का नहीं बल्कि पूरी पीढ़ी की तकदीर का हो जाता है.