'बाबा का...' सीएम योगी के सामने किसान जफरू खान ने क्या कह दिया? जेवर एयरपोर्ट के लिए दी थी 31 बीघा जमीन

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले किसानों ने पहली बार हवाई यात्रा का अनुभव साझा करते हुए राज्य में हुए विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की सराहना की. सम्मान समारोह में शामिल किसानों ने कहा कि एयरपोर्ट, सड़क, बिजली और डिजिटल सुविधाओं ने क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है.

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यूपी तक

• 07:51 PM • 15 Jun 2026

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लखनऊ, उत्तर प्रदेश: "हम हवाई चप्पल पहनकर हवाई जहाज में बैठे हैं. हमारे मुख्यमंत्री ने राज्य में बहुत तरक्की और विकास कराया है." ये शब्द जेवर के नंगला छतर गांव के रहने वाले एक मुस्लिम किसान के हैं, जो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए अपनी जमीन देने के बाद पहली बार हवाई जहाज से सफर करके लखनऊ पहुंचे थे.

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मौका था मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ आयोजित उन किसानों के सम्मान समारोह का, जिन्होंने एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट के लिए अपनी जमीनें दी हैं. इस कार्यक्रम के बाद जब किसान अपने क्षेत्र दादरी और जेवर वापस लौटे, तो सोशल मीडिया पर उनके रिएक्शन छाने लगे.

'बाबा का राज बढ़िया है'

31 बीघा जमीन देने वाले जफरू खान ने खुलकर सरकार की तारीफ करते हुए कहा, "बाबा का राज बढ़िया है. हमारे पास 31 बीघा खेत था, जो छह गांवों के विस्थापन में गया. आज हम बहुत खुश हैं कि हवाई चप्पल से सीधे हवाई जहाज में बैठ गए. हमारे मुख्यमंत्री जी ने बहुत तरक्की दी है."

जफरू खान ने स्थानीय जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह की मेहनत को भी सराहा और कहा कि उन्होंने घर-घर जाकर लोगों की सहमति ली. साथ ही क्षेत्र में आ रही फिल्म सिटी और अन्य कंपनियों से बच्चों को रोजगार मिलने की उम्मीद जताई. कहा कि हम हज करके आए हैं आपसे आशीर्वाद देने के लिए कह रहा हूं. 

बिना भेदभाव मिल रहा योजनाओं का लाभ

समारोह में आए किसानों ने सिर्फ हवाई यात्रा की ही तारीफ नहीं की, बल्कि उत्तर प्रदेश की बदलती कानून-व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी बात की. मुस्लिम किसानों का कहना है कि राज्य में अब बिजली आपूर्ति और सड़कों का जाल पहले से बहुत बेहतर हुआ है.

किसानों ने साफ तौर पर कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ उन तक बिना किसी भेदभाव के सीधे पहुंच रहा है. किसान सम्मान निधि और गन्ने के दामों में हुई बढ़ोतरी से उन्हें सीधा आर्थिक फायदा मिला है.

डिजिटल सिस्टम से खेती हुई आसान

किसानों ने खेती-किसानी में तकनीक के इस्तेमाल और पारदर्शिता की भी तारीफ की. उन्होंने बताया कि चीनी मिलों की पर्चियों को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस कर दिया गया है, जिससे किसानों को अब बिचौलियों के चक्कर नहीं काटने पड़ते और व्यापार करना आसान हो गया है.

संवाद से हल हुआ 13,000 एकड़ जमीन का मामला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने संबोधन में किसानों के इस भरोसे का खास जिक्र किया. सीएम ने कहा कि यह किसानों के विश्वास का ही नतीजा है कि बिना किसी विवाद या टकराव के 13,000 एकड़ से अधिक भूमि पर एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट का काम शुरू हो सका. इस पूरे भूमि अधिग्रहण में जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह के जमीनी संवाद की किसानों ने जमकर तारीफ की.