उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के बुजुर्गों और बेसहारा महिलाओं के हक में एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने इन वर्गों को सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन देने के लिए पेंशन की राशि को बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रति माह करने का निर्णय लिया है. पहले यह राशि 1,000 रुपये हुआ करती थी, जिसमें अब बढ़ोतरी कर दी गई है. 'योगी की पाती' के जरिए इस महत्वपूर्ण फैसले की जानकारी शेयर की गई है.
ADVERTISEMENT
मुफ्त इलाज के लिए हेल्थ स्कीम से जुड़ेंगी महिलाएं
सरकार ने केवल आर्थिक मदद ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर भी बड़ा कदम उठाया है. राज्य की निराश्रित महिलाओं को अब 'आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' (PM-JAY) और 'मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना' का सीधा लाभ दिया जाएगा. इसका मतलब है कि अब इन महिलाओं को बीमारी के समय इलाज के खर्च की चिंता नहीं करनी होगी और वे अस्पताल में मुफ्त इलाज करा सकेंगी.
'योगी की पाती' के बड़े ऐलान
- राज्य के वृद्धजनों और निराश्रित महिलाओं को आर्थिक संबल देने के लिए प्रदेश सरकार ने अब ₹1,500 प्रति माह पेंशन देने का फैसला किया है.
- निराश्रित महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए उन्हें देश और राज्य की सबसे बड़ी हेल्थ स्कीमों से जोड़ा जाएगा.
- अब किसी भी बेसहारा महिला को सिर छुपाने की चिंता नहीं करनी होगी. सरकार उन्हें 'प्रधानमंत्री आवास योजना' और 'मुख्यमंत्री आवास योजना' के तहत पक्का मकान मुहैया कराएगी.
घर का सपना भी होगा पूरा
पेंशन और स्वास्थ्य के साथ-साथ सरकार इन महिलाओं के रहने का इंतजाम भी करेगी. सरकार के फैसले के मुताबिक, पात्र निराश्रित महिलाओं को 'प्रधानमंत्री आवास योजना' और 'मुख्यमंत्री आवास योजना' के तहत पक्का मकान दिया जाएगा, जिससे उनकी सुरक्षित और गरिमापूर्ण जीवन जीने की राह आसान हो सके.
फैसले के पीछे क्या है सरकार का मकसद?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, इस पूरी पहल का एकमात्र उद्देश्य समाज के सबसे कमजोर और बुजुर्ग नागरिकों को एक सम्मानजनक जिंदगी देना है. आर्थिक तंगी, बीमारी और बेघर होने जैसी समस्याओं से जूझ रहे बुजुर्गों और महिलाओं के लिए योजनाएं एक बड़ा संबल बनेंगी. सरकार का मानना है कि इस कदम से वे किसी पर निर्भर रहे बिना अपना जीवन सम्मान के साथ बिता सकेंगे.
ADVERTISEMENT










