पितृपक्ष में अपनों की आत्मा की शांति के लिए सुखनई नदी के घाट पर तर्पण करने पहुंचे परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि पूरा इलाका दहल उठा. झांसी के मऊरानीपुर थाना क्षेत्र स्थित देवरी सिंहपुरा गांव में मंगलवार को नदी के गहरे पानी में डूबे एक बच्चे को बचाने की कोशिश में परिवार के 5 लोग एक-एक कर समा गए. देखते ही देखते धार्मिक अनुष्ठान चीख-पुकार और मातम में बदल गया. हादसे में पिता-पुत्र और दो भाइयों समेत 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. जबकि 3 बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. देर रात जब गांव में एक साथ 5 चिताएं जलीं तो देवरी सिंहपुरा का हर कोना सिसकियों से गूंज उठा.
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एक मासूम को बचाने की होड़... और समा गईं 5 जिंदगियां
पितृपक्ष के अवसर पर रामेश्वर प्रसाद के परिवार के सदस्य तर्पण और धार्मिक क्रिया कर्म के लिए सुखनई नदी के घाट पर पहुंचे थे. पूजा-अर्चना चल ही रही थी कि परिवार के 13 साल का बच्चा अर्पित तिवारी खेलते-खेलते नदी के गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा.
बच्चे को डूबता देख उसे बचाने के लिए परिवार के अन्य सदस्य बिना सोचे-समझे नदी में कूद पड़े. लेकिन पानी की भयावह गहराई और परिस्थितियों ने किसी को संभलने का मौका नहीं दिया. हादसे में अनूप तिवारी (41), पुष्कर शुक्ला, अभिनव तिवारी, श्रेयांश तिवारी (22) और 13 वर्षीय अर्पित तिवारी की डूबने से मौत हो गई.
सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और पानी में फंसी तीन बच्चियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
'कल ही मायके आई थी मां, आज उजड़ गई गोद'
इस हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू एक मां की पीड़ा रही. महिला एक दिन पहले ही जालौन से अपने पिता के घर यानी मायके में श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने आई थी. परिवार में अपनों से मिलने और धार्मिक अनुष्ठान की खुशी का माहौल था. लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. जिस बेटे के साथ वह कुछ घंटे पहले तक हंस-बोल रही थी, अगले ही दिन उसकी लाश आंखों के सामने थी. बेटे के शव से लिपटकर बिलखती मां को देख वहां मौजूद हर शख्स का कलेजा कांप उठा.
एक ही घाट पर जलीं 5 चिताएं
पोस्टमार्टम की कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद देर शाम जब पांचों शव एक साथ गांव पहुंचे तो हर घर से रोने की आवाजें आने लगीं. देर रात जब एक साथ 5 अर्थियां उठीं तो गांव का दृश्य बेहद मार्मिक हो गया. श्मशान घाट पर एक ओर पिता-पुत्र तो दूसरी ओर दो सगे भाइयों की चिताएं एक साथ जलीं. सुबह तक जो लोग साथ बैठकर पूजा कर रहे थे, रात होते-होते वे राख के ढेर में तब्दील हो चुके थे.
सीएम योगी ने लिया संज्ञान
झांसी के इस भीषण हादसे की गूंज शासन तक पहुंची. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए स्थानीय अधिकारियों को पीड़ित परिवार से मिलने और हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी गौरांग राठी, एसएसपी विकास कुमार और सांसद डॉ. अनुराग शर्मा गांव पहुंचे. उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया.
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने बताया कि शासन के नियमानुसार परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हादसे का नदी में अवैध खनन से जुड़ी शिकायतों से कोई संबंध नहीं है. यह एक दुखद दुर्घटना है.
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