Ex- IAS दिव्या मित्तल करेंगी राजनीति में एंट्री, यूपी में इस सीट से लड़ सकती हैं चुनाव, बड़ा हिंट मिला!

यूपी तक

• 08:59 AM • 30 Sep 2026

पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने राजनीति में आने का ऐलान कर दिया है. IAS पद से इस्तीफा देने के बाद से ही उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चा चल रही थी.

Ex-IAS Divya Mittal

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Ex-IAS Divya Mittal News: पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने राजनीति में आने का ऐलान कर दिया है. IAS पद से इस्तीफा देने के बाद से ही उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चा चल रही थी. अब दिव्या मित्तल ने खुद साफ कर दिया है कि वह राजनीति में सक्रिय होंगी. उन्होंने यह भी बताया कि उनकी राजनीतिक शुरुआत उत्तर प्रदेश से होगी. ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि दिव्या मित्तल विधानसभा चुनाव कहां से लड़ेंगी. अब सबसे ज्यादा चर्चा मिर्जापुर की 96 विधानसभा सीट को लेकर हो रही है, जहां पहले उनका राजनीतिक नेताओं से विवाद भी सामने आ चुका है.

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IAS से इस्तीफे के बाद खुद दिया राजनीति में आने का जवाब

दिव्या मित्तल ने अपने वीडियो में कहा कि उन्होंने कुछ दिन पहले IAS से इस्तीफा दिया था और इसके बाद लोगों के मन में कई सवाल थे. उन्होंने कहा, 'अभी कुछ दिन पहले मैंने IAS से त्यागपत्र दिया और आपके मन में कई सवाल छोड़ दिए. कुछ दिनों तक जवाब नहीं दिया क्योंकि काम बड़ा था और मैं हौसला जुटा रही थी. पर आज उन सवालों के जवाब देने आई हूं. आगे क्या? किसके साथ और कहां से?' इसके बाद उन्होंने पहले सवाल का जवाब देते हुए कहा कि वह राजनीति में जाएंगी. दिव्या मित्तल ने कहा कि लोग उनसे पूछते थे कि जब वह सब कुछ बन चुकी हैं तो अब और क्या बनना है. इसके जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें उन लोगों की आवाज बनना है, जिनकी आवाज किसी दफ्तर तक नहीं पहुंच पाती और अगर पहुंच भी जाती है तो सुनी नहीं जाती.

80 साल की आजादी का हिसाब मांगने की बात

दिव्या मित्तल ने अपने राजनीतिक फैसले को लोगों की समस्याओं से भी जोड़ा. उन्होंने कहा कि उन्हें देश की आजादी के 80 सालों का हिसाब चाहिए. इसके लिए उन्होंने लहरियादह की पहाड़ी पर पानी पहुंचाने के दौरान हुई एक घटना का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान एक महिला उनके पास आई. दिव्या को लगा कि वह शायद पेंशन या पक्के मकान की मांग करेगी, लेकिन महिला ने गांव में स्कूल की मांग की. महिला ने बताया कि गांव में स्कूल सिर्फ पांचवीं कक्षा तक है और उसके बाद जंगल और पहाड़ के बीच बच्चों की पढ़ाई रुक जाती है. दिव्या मित्तल के मुताबिक, उन्होंने नियम देखकर स्कूल को मंजूरी दी, लेकिन तीन साल बाद भी स्कूल बनना शुरू नहीं हुआ. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, 'अब मुझे बताइए कि क्या नहीं था? पैसा नहीं था, नियम नहीं था, स्वीकृति नहीं थी, था तो बस इरादा नहीं था.” दिव्या ने कहा कि इरादा हो तो पहाड़ भी रास्ता दे देता है और इरादा न हो तो एक फाइल ही पहाड़ बन जाती है.

यहाँ से राजनीतिक शुरुआत करेंगी दिव्या मित्तल?

राजनीति में आने के बाद दिव्या मित्तल कहां से चुनाव लड़ेंगी, इसको लेकर भी उन्होंने अपने वीडियो में संकेत दिया. उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताया. दिव्या ने कहा, 'मैं यहां अफसर बनके आई थी. पर यहां के लोगों ने मुझे अपनी बेटी बना लिया. सर पर हाथ रखा, घर का खाना खिलाया. जब थकी तो संभाला.' उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश की मिट्टी ने उन्हें सिखाया कि वह कौन हैं और किसके लिए हैं. इसी वजह से उन्होंने उत्तर प्रदेश से ही अपनी राजनीतिक शुरुआत करने की बात कही. यानी फिलहाल उनके बयान से इतना साफ है कि वह उत्तर प्रदेश से राजनीति में कदम रखने की तैयारी में हैं.

मिर्जापुर की 96 विधानसभा सीट क्यों चर्चा में?

अब सवाल है कि उत्तर प्रदेश में दिव्या मित्तल किस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकती हैं? इसी को लेकर मिर्जापुर की 96 विधानसभा सीट का नाम चर्चा में है. इसी क्षेत्र के लहरदेव गांव में पेयजल को लेकर विवाद हुआ था, जिसके दौरान दिव्या मित्तल का तत्कालीन केंद्रीय मंत्री और सांसद अनुप्रिया पटेल तथा उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल से विवाद सामने आया था.

अनुप्रिया पटेल और आशीष पटेल अपना दल सोनेलाल से जुड़े हैं. अनुप्रिया पटेल पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जबकि आशीष पटेल उपाध्यक्ष हैं. इस विवाद के बाद दिव्या मित्तल काफी चर्चा में आई थीं. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनुप्रिया पटेल से दिव्या मित्तल को लेकर सवाल भी पूछा गया था, जिस पर उनके प्रतिक्रिया देने के अंदाज की भी चर्चा हुई थी.

क्या पुराने विवाद का असर चुनावी मैदान में दिखेगा?

अब इसी पुराने विवाद को दिव्या मित्तल की संभावित चुनावी राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. चर्चा है कि जिस तरह पेयजल के मुद्दे पर दिव्या मित्तल का अनुप्रिया पटेल और आशीष पटेल से विवाद हुआ था, उसकी राजनीतिक परिणति चुनाव में दिखाई दे सकती है. हालांकि, दिव्या मित्तल ने अपने बयान में मिर्जापुर की 96 विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है.