प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण के मौत की गुत्थी उलझी, अब FSL रिपोर्ट से खुलेगा बड़ा राज?

यूपी तक

30 Sep 2026 (अपडेटेड: 30 Sep 2026, 10:42 AM)

वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के साधक रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच लगातार आगे बढ़ रही है.

Rasik Dulari Sharan FSL Report News

Rasik Dulari Sharan FSL Report News (Photo Generated By AI)

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Rasik Dulari Sharan FSL Report News: वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के साधक रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच लगातार आगे बढ़ रही है. सीसीटीवी फुटेज में दीपक लोधी छत से कूदते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कई जगह चोटों की बात सामने आने के बाद पुलिस मौत से पहले की परिस्थितियों को भी जोड़कर देख रही है. कमरे से मिला ग्राइंडर और ब्लड सैंपल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जाने से मामले में कई सवाल खड़े हो गए हैं. हालांकि अभी तक पुलिस जांच में किसी दूसरे व्यक्ति की संलिप्तता या हत्या की पुष्टि नहीं हुई है.

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CCTV में छत से कूदते दिखे दीपक लोधी

पुलिस जांच में सामने आए सीसीटीवी फुटेज में रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी छत से कूदते दिखाई दे रहे हैं. यह फुटेज जांच में एक अहम कड़ी माना जा रहा है. हालांकि पुलिस का फोकस अब सिर्फ इस बात पर नहीं है कि वह छत से कैसे नीचे गिरे, बल्कि इससे पहले उनके साथ क्या हुआ, इस पहलू पर भी है. जांच अधिकारी आश्रम परिसर में लगे दूसरे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रहे हैं. कोशिश है कि दीपक लोधी की अंतिम गतिविधियों का पूरा क्रम सामने आ सके और यह पता लगाया जा सके कि घटना से पहले वह किन लोगों के संपर्क में थे.

कमरे में क्या हुआ था?

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि छत से छलांग लगाने से पहले दीपक लोधी के कमरे में क्या हुआ था. क्या वह कमरे में अकेले थे? क्या उनकी किसी से बातचीत हुई थी? क्या घटना से पहले ऐसा कुछ हुआ, जिसका असर उनकी मानसिक स्थिति पर पड़ा? पुलिस फिलहाल इन सवालों के जवाब तलाश रही है. उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज घटना के एक हिस्से को दिखाता है, लेकिन पुलिस इससे पहले की परिस्थितियों को भी समझने की कोशिश कर रही है. अभी जांच किसी एक निष्कर्ष तक नहीं पहुंची है.

प्राइवेट पार्ट पर चोट ने बढ़ाए सवाल

जांच में सामने आया सबसे संवेदनशील पहलू दीपक लोधी के प्राइवेट पार्ट पर चोट का होना है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह चोट किन परिस्थितियों में आई. क्या यह चोट घटना के दौरान लगी या इससे पहले कोई दूसरी स्थिति बनी थी, इसकी जांच की जा रही है. हालांकि सिर्फ चोट मिलने के आधार पर किसी दूसरे व्यक्ति की भूमिका या हत्या की पुष्टि नहीं की जा सकती. पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत दूसरे तथ्यों को जोड़कर इस पहलू की जांच कर रही है.

FSL जांच के लिए भेजा

दीपक लोधी के कमरे से एक ग्राइंडर मिलने की जानकारी भी सामने आई है. पुलिस ने इस उपकरण को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है. अब इसकी जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ग्राइंडर का इस्तेमाल कब और किसने किया था. ग्राइंडर से जुड़े संभावित फिंगरप्रिंट और दूसरे साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है. हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि ग्राइंडर का दीपक लोधी की मौत से सीधा संबंध है. इसकी वास्तविक भूमिका फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.

पोस्टमार्टम में कई चोटों का जिक्र

रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर छह स्थानों पर चोट के निशान मिलने की बात सामने आई है. रिपोर्ट में पैर की हड्डी टूटने, पसलियों में चोट और सिर पर गंभीर चोटों का भी जिक्र बताया जा रहा है. अब पुलिस इन चोटों को सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रही घटना से जोड़कर देख रही है. जांच का सवाल यह है कि कौन सी चोट किस परिस्थिति में आई और उनका मौत से क्या संबंध था. फिलहाल पोस्टमार्टम के इन तथ्यों के आधार पर भी किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.

ब्लड सैंपल FSL भेजा गया

पुलिस ने दीपक लोधी का ब्लड सैंपल भी फॉरेंसिक साइंस लैब यानी FSL भेजा है. इस जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना से पहले या घटना के समय उनके शरीर में कोई नशीला, जहरीला या अन्य संदिग्ध पदार्थ मौजूद था या नहीं. अब पुलिस को FSL रिपोर्ट का इंतजार है. अगर रिपोर्ट में कोई संदिग्ध पदार्थ सामने आता है तो उससे घटना से पहले की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है. फिलहाल रिपोर्ट सामने नहीं आई है और पुलिस दूसरे वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ इसे भी जांच का हिस्सा बना रही है.

सेवादारों से होगी पूछताछ

पुलिस अब आश्रम से जुड़े कुछ प्रमुख सेवादारों और घटना के समय आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ करने की तैयारी में है. जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि मौत से पहले दीपक लोधी का व्यवहार कैसा था और क्या उन्होंने किसी परेशानी या तनाव की बात किसी से कही थी. इसके साथ ही घटना से पहले उनकी किन लोगों से बातचीत हुई, उनकी गतिविधियां क्या थीं और वह किन परिस्थितियों में कमरे से छत तक पहुंचे, इन सभी पहलुओं को सीसीटीवी और दूसरे साक्ष्यों के साथ मिलाकर देखा जा रहा है.

ज्यादा ब्लीडिंग मौत का प्रमुख कारण?

वृंदावन के सीईओ संदीप कुमार के मुताबिक शुरुआती तौर पर ज्यादा ब्लीडिंग यानी अत्यधिक रक्तस्राव मौत का प्रमुख कारण नजर आ रहा है. उन्होंने कहा कि मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे वास्तविक वजह क्या थी, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.

फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, ग्राइंडर, ब्लड सैंपल की FSL जांच और लोगों के बयानों को एक साथ रखकर मामले को समझने की कोशिश कर रही है. सबसे बड़ा सवाल अभी भी यही है कि रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी के छत से छलांग लगाने से पहले आखिर क्या हुआ था. इसका जवाब CCTV, FSL रिपोर्ट और बाकी जांच से सामने आने की उम्मीद है.