क्लेफ्ट लिप और तालु (कटे होंठ और तालु) से पीड़ित बच्चों के लिए नौ दिन तक चला एक निःशुल्क सर्जिकल कैंप 6 सितंबर को झांसी में संपन्न हुआ जिसमें 78 जरूरतमंद बच्चों का इलाज किया गया.
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यह कैंप वीरांगना फाउंडेशन, जो मुख्य रूप से महिला सशक्तिकरण, बच्चों के कल्याण और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में सामाजिक कार्यों में कार्यरत है और ऑपरेशन स्माइल द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था. महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज (MLBMC), झांसी में इसका आयोजन हुआ. यात्रा, स्थानीय परिवहन, आवास, भोजन, सर्जरी और दवाइयां-सभी सुविधाएं पूरी तरह मुफ्त दी गईं.
झांसी-ललितपुर के सांसद अनुराग शर्मा, जिन्होंने इस कैंप के आयोजन में अहम भूमिका निभाई, ने कहा कि कटे होंठ एवं तालु की समस्या से प्रभावित बच्चों के लिए समय पर उपचार बेहद जरूरी है. लेकिन इलाज की ऊंची लागत के कारण यह सुविधा अक्सर गरीब परिवारों की पहुंच से बाहर रह जाती है. उन्होंने ऑपरेशन स्माइल का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस संस्था ने बुंदेलखंड के बच्चों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लाने का सराहनीय कार्य किया है. अनुराग शर्मा बैद्यनाथ के JMD भी हैं, जहां लोगों के लिए निःशुल्क चिकित्सक परामर्श की सुविधा उपलब्ध है.
उन्होंने कहा, “हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य बच्चों के चेहरों पर मुस्कान वापस लाना है. हमारा प्रयास है कि आर्थिक कठिनाई के कारण कोई भी बच्चा आवश्यक उपचार से वंचित न रहे. इस प्रकार के सेवा कार्यक्रम आगे भी निरंतर जारी रहेंगे और हम लगातार ऐसे और कार्यक्रम आयोजित करने का प्रयास करेंगे.
फरवरी 2024 में मिली थी बड़ी सफलता
इससे पूर्व फरवरी 2024 में आयोजित सर्जिकल शिविर में 220 मरीजों की स्क्रीनिंग की गई थी जिसमें 113 मरीजों की सफल सर्जरी की गई. इस शिविर में 16 देशों के 32 चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दी थीं. पिछले शिविर की सफलता और मरीजों की आवश्यकता को देखते हुए इस बार भी बड़े स्तर पर इस सेवा अभियान का आयोजन किया गया.
पूनम शर्मा ने कहा-बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लौटाना हमारा लक्ष्य
वीरांगना फाउंडेशन की अध्यक्ष पूनम शर्मा ने कहा कि यह इस सेवा अभियान का द्वितीय आयोजन है. पहले आयोजन की सफलता और जरूरतमंद मरीजों की बड़ी संख्या को देखते हुए इस बार अभियान को और व्यापक स्तर पर आयोजित किया गया है.
ऑपरेशन स्माइल एक अमेरिका-आधारित चैरिटी संस्था है, जो दुनियाभर में जरूरतमंद बच्चों को क्लेफ्ट देखभाल प्रदान करती है. इस कैंप में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के लगभग 17 जिलों से मरीज आए. यूके, अमेरिका, कनाडा, नीदरलैंड्स, ऑस्ट्रेलिया, पेरू, मेक्सिको और फिलीपींस-नौ देशों के डॉक्टरों और स्वयंसेवकों ने इसमें भाग लिया. सर्जरी के अलावा टीम ने स्पीच थेरेपी और ऑर्थोडॉन्टिक सहायता भी प्रदान की.
ऑपरेशन स्माइल (एशिया) के एसोसिएट वीपी अभिषेक सेनगुप्ता ने बताया कि संस्था बुंदेलखंड के बच्चों के प्रति प्रतिबद्ध है और आगामी तीन वर्षों की योजना के तहत पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में 500 बच्चों की सुधारात्मक सर्जरी करने का लक्ष्य रखा गया है.
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