झांसी में लाखों ठग 55 महीने से छका रही थी डॉली, अहमदाबाद में जब पकड़ी गई तो इसका असली चेहरा देखने को मिला!

अजय झा

26 Nov 2025 (अपडेटेड: 26 Nov 2025, 03:15 PM)

Jhansi Crime News: नोएडा की डॉली श्रीवास्तव ने झांसी के खेमचंद्र शर्मा के साथ जो फ्रॉड किया, उसकी उसे जितनी भी सजा मिले वो कम होगी. मेहनत की कमाई को गबन करने वाली डॉली को झांसी पुलिस ने 55 महीनों की तलाश के बाद अरेस्ट कर लिया है. इस महिला फ्रॉड की पूरी कहानी जानिए.

Jhansi Crime News

Jhansi Crime News

Google CTA

55 महीनों से झांसी पुलिस को एक महिला की तलाश थी. तस्वीर में प्रेमनगर थाने के अंदर जो महिला 3 पुलिसकर्मियों के साथ जींस, हुडी और स्पोर्ट्स शूज पहने खड़ी है आखिरकार उसे साढ़े चार साल बाद पकड़ लिया गया है. इस महिला अपराधी का नाम डॉली श्रीवास्तव है. यह कोई आम अपराधी नहीं है, इसके कांड बड़े हैं. पुलिस ने डॉली पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. काफी समय तक डॉली पुलिस को चकमा देती रही, लेकिन अब वह पुलिस गिरफ्त में है. डॉली ने ऐसा क्या फ्रॉड किया जिसकी वजह से उसे भागना पड़ा और पुलिस ने उसपर इनाम घोषित किया, आइए आपको इसकी पूरी कहानी बताते हैं. 

यह भी पढ़ें...

कहानी शुरू हुई थी एक सपने से 

यह कहानी शुरू होती है एक सपने से. डॉली ने झांसी निवासी खेमचन्द्र शर्मा को एक सपना बेचा था. सपना था पैसे निवेश करने पर मुनाफे का. महक इंडिया म्यूचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड नामक एक कंपनी की डॉली डायरेक्टर थी. खेमचंद्र ने अपने और बेटियों के नाम पर कंपनी में 25 लाख रुपये का निवेश किया था. फिर एक दिन मूल रूप से नोएडा की रहने वाली डॉली ने खेमचंद्र के सपने पर पानी फेर दिया.

खबर सुनते ही खेमचंद्र शर्मा के उड़ गए थे होश

खराब नियत वाली डॉली श्रीवास्तव अपने साथियों के साथ लोगों की मेहनत की कमाई गबन कर फरार हो गई. इस बात की जानकारी जब खेमचन्द्र शर्मा को मिली तो वह एक पल तो विश्वास ही नहीं कर पाए. खबर झूठी हो जाए इसके लिए वह बार-बार डॉली को कॉल मिलाते रहे. कॉल मिला ही नहीं. 25 लाख रुपये जो उन्होंने अपने बेटियों की पढ़ाई और शादी के लिए निवेश किए थे, वो एक झटके में डूब गए. खेमचंद्र शर्मा को तब कुछ समझ नहीं आया. हारकर कर वह पुलिस के पास पहुंचे. साल 2021 में उन्होंने केस दर्ज कराया.

डॉली देती रही चकमा

केस दर्ज होने के बाद पुलिस हरकत में आई. पुलिस ने डॉली की गिरफ्तारी के प्रयास किए. पर वो नहीं मिली. लेकिन पुलिस ने उसके कई साथियों कॉम अरेस्ट किया. पुलिस ने खूब कोशिश की पर डॉली पकड़ में नहीं आई. पुलिस ने उसके ऊपर 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया. साथ ही दो टीमें डॉली की तलाश में जुटी रहीं. 

सर्विलांस के जरिए पुलिस को पता चला कि डोली अहमदाबाद में है. थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस की दो टीमों ने आरोपिया की लोकेशन सर्विलांस और मुखबिर की सूचना पर अहमदाबाद में दबिश दी. आखिरकार लंबे प्रयास के बाद पुलिस ने डॉली को अहमदाबाद के नबानरोदा से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने डॉली को कोर्ट में पेश कर दिया है, जहां से वह अब जेल की सलाखों में है. पुलिस का कहना है कि मामले की आगे की जांच जारी है और गबन की पूरी रकम व नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है.

ये भी पढ़ें: SIR में लगी थी लेखपाल सुधीर की ड्यूटी, 26 नवंबर को शादी से एक दिन पहले ही दे दी जान, उन्हें कौन हड़का रहा था?