शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने दी सरकार को 52 दिन की मोहलत... नहीं मानी ये मांग तो 3 मई से फिर शुरू करेंगे गोरखपुर से यात्रा

Shankaracharya Avimuktheswaranand News: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का योगी सरकार को 52 दिन का अल्टीमेटम. मांग न मानने पर सीएम के गढ़ गोरखपुर से शुरू होगी 81 दिन की 'गविष्टि यात्रा'. पढ़ें पूरा मामला.

UP News

गौरव कुमार पांडेय

11 Mar 2026 (अपडेटेड: 11 Mar 2026, 06:15 PM)

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UP News: लखनऊ के कांशीराम प्रेरणा स्थल पर बुधवार को आयोजित शंखनाद सभा में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ माता की रक्षा को लेकर हुंकार भरी. शासन-प्रशासन की तमाम पाबंदियों और चुनौतियों के बीच शंकराचार्य ने एक ऐसा बड़ा ऐलान किया, जो अब चर्चा का विषय बन गया है. उन्होंने गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए सरकार को न केवल अल्टीमेटम दिया, बल्कि मांग पूरी न होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ से एक बड़ी यात्रा शुरू करने की चेतावनी भी दी. 

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शंकराचार्य ने दिया 52 दिन का अल्टीमेटम

शंकराचार्य ने मंच से घोषणा की कि उन्होंने सरकार को गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए 52 दिन का अल्टीमेटम दिया है.  उन्होंने कहा कि यदि इस अवधि के भीतर उनकी मांग स्वीकार नहीं की गई, तो वह 3 मई से गविष्टि यात्रा शुरू करेंगे. यह यात्रा 81 दिनों की उत्तर प्रदेश परिक्रमा होगी. 

कहां से शुरू होगी ये यात्रा?

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शंकराचार्य ने इस यात्रा के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सियासी क्षेत्र गोरखपुर को चुना है.  यह यात्रा गोरखपुर से ही शुरू होगी और प्रदेश के विभिन्न जिलों से होते हुए वापस गोरखपुर में ही समाप्त होगी. 23 जुलाई तक चलने वाली इस यात्रा के बाद 24 जुलाई को दोबारा लखनऊ में इसी तरह की बड़ी सभा का आयोजन किया जाएगा.

प्रोग्राम में कम भीड़ पर शंकराचार्य ने ये कहा

कार्यक्रम में भीड़ कम होने और खाली कुर्सियों को लेकर उठ रहे सवालों पर शंकराचार्य ने करारा जवाब दिया. उन्होंने शराब और दूध की तुलना करते हुए कहा, "ज्यादा भीड़ कहां होती है, शराब की दुकान पर या दूध की दुकान पर? यहां की कम भीड़ बता रही कि यह शराब की नहीं, शुद्ध गाय के दूध की दुकान है।" उन्होंने कार्यक्रम को फ्लॉप बताने वालों पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि इतनी जल्दी राय बनाने की क्या जरूरत है. 

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