IAS दुर्गा शक्ति नागपाल ने फोन पर जज को धमकाया! इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लगा दी फटकार, अब हुई ये कार्रवाई

यूपी तक

• 01:23 PM • 24 Aug 2026

IAS Durga Shakti Nagpal: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने IAS अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल पर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए सख्त टिप्पणी की है. कोर्ट ने मामले को आपराधिक अवमानना पीठ के पास भेजने का निर्देश दिया है. आरोप है कि नागपाल ने गोंडा के भूमि विवाद मामले में सिविल जज शबीना खान को फोन करके दबाव बनाने की कोशिश की थी.

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IAS Durga Shakti Nagpal: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने देवीपाटन मंडल की आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल पर न्यायपालिका की स्वतंत्रता के साथ खिलवाड़ को लेकर फटकार लगाई है. हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के न्यायमूर्ति सैयद क़मर हसन रिज़वी गोंडा के 1997 के एक पूराने भूमि विवाद से जुड़े मामले की सुनवाई कर रहे थे.

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इस दौरान कोर्ट ने कहा है कि IAS दुर्गा शक्ति नागपाल ने भूमि विवाद के इस मामले की न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने के लिए सिविल जज शबीना खान को फोन करके उनपर दबाव बनाया है. आदालत ने इसे न्यायपालिका पर हमला माना है और इस पूरे मामले को आपराधिक अवमानना पीठ के पास भेजने का निर्देश दिया है.

जमीन विवाद से जुड़ा है मामला

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के न्यायमूर्ति सैयद क़मर हसन रिज़वी ने गोंडा के 1997 के एक भूमि विवाद मामले की सुनवाई की. इस दौरान कोर्ट ने देवीपाटन मंडल की आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल द्वारा सिविल जज (सीनियर डिवीजन) शबीना खान को फोन करके न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश पर सख्त नाराजगी जताई है.

सिविल जज ने की थी शिकायत

जानकारी के अनुसार, सिविल जज शबीना खान ने इस फोन कॉल और घटना की पूरी रिपोर्ट जिला जज को दी थी. इसके बाद इस मामले को ट्रांसफर कर दिया गया था. न्यायपालिका की आजादी और सम्मान को बनाए रखने के लिए हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले को आपराधिक अवमानना पीठ के पास विचार के लिए भेजने का आदेश दिया है.

न्यायपालिका की आजादी पर सीधा हमला

हाईकोर्ट ने कहा कि किसी मुकदमे वाले पक्ष द्वारा फोन के जरिए जज से संपर्क करना बेहद चौंकाने वाली बात है. जज शबीना खान ने जो बातचीत की रिपोर्ट दी है, उसकी भाषा और शैली से साफ पता चलता है कि मामले पर प्रभाव डालने की कोशिश की गई है. कोर्ट ने साफ किया कि निचली अदालतों को हर तरह के दबाव से बचाना बहुत जरूरी है.

न्याय के रास्ते में बड़ी बाधा

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का भी जिक्र किया है. अदालत ने कहा है कि जजों पर दबाव बनाना या उन्हें धमकाना न्याय के रास्ते में रुकावट पैदा करता है. आईएएस अधिकारी नागपाल ने फोन करने की बात से इनकार नहीं किया है, जिसे कोर्ट ने काफी गंभीर माना है. अदालत ने कहा कि पीठासीन अधिकारियों (जजों) को बिना किसी डर के अपना काम करने की पूरी आजादी मिलनी चाहिए.

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