Gonda Crime News: परीक्षा देने गए थे छात्र, लौटे तो गायब मिले मोबाइल! गोंडा में 10 फोन बरामद, 2 आरोपी गिरफ्तार

Gonda News: कॉलेज परीक्षा के दौरान छात्रों के मोबाइल फोन चोरी करने वाले गिरोह का गोंडा पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया. त्वरित जांच और छापेमारी के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 10 मोबाइल बरामद किए गए. पूछताछ में चोरी के मोबाइल खरीद-फरोख्त के नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है.

Gonda Police Action

Newzo

• 06:27 PM • 01 Jun 2026

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Gonda News: गोंडा जिले के थाना छपिया पुलिस ने कॉलेज परीक्षा के दौरान छात्रों के मोबाइल फोन चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने उनके कब्जे से 10 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं. आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेज दिया गया है.

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पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) अजीत कुमार रजक तथा क्षेत्राधिकारी मनकापुर उदित नारायण पालीवाल के नेतृत्व में थाना छपिया पुलिस ने यह कार्रवाई की. पुलिस ने मुकदमा संख्या 214/26, धारा 303(2) बीएनएस से संबंधित चोरी की घटना का सफल अनावरण करते हुए अजीत वरुवार निवासी मतवरिया थाना मोतीगंज और मुस्तकीम निवासी देवरिया अलावल थाना धानेपुर को गिरफ्तार किया.

पुलिस के अनुसार, 22 मई 2026 को गायत्री देवी रामसुख महाविद्यालय में बीए चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान कई छात्रों की मोटरसाइकिलों की डिग्गी से मोबाइल फोन चोरी हो गए थे. इस मामले में पीड़ित छात्र अभिनव गर्ग की तहरीर पर थाना छपिया में मुकदमा दर्ज किया गया था. जांच के दौरान पुलिस ने अमवा जंगल के पास से अजीत वरुवार को गिरफ्तार किया. उसके कब्जे से एक चोरी का मोबाइल फोन बरामद हुआ. पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर कुल 14 मोबाइल फोन चोरी करने की बात स्वीकार की.

अजीत की निशानदेही पर पुलिस ने बग्गी रोड स्थित एक मोबाइल दुकान पर छापेमारी कर दुकानदार मुस्तकीम को गिरफ्तार किया. उसकी दुकान से नौ मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनमें दो मोबाइल इसी घटना से संबंधित पाए गए, जबकि सात अन्य मोबाइल भी संदिग्ध रूप से चोरी के होने की आशंका में बरामद किए गए.

पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी चोरी किए गए मोबाइल फोन मुस्तकीम को बेचते थे, जो उन्हें आगे अन्य लोगों को बेच देता था. बरामदगी और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त धाराएं जोड़ते हुए आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है. इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक सुरेश यादव, हेड कांस्टेबल श्याम प्रकाश यादव, कांस्टेबल अभिषेक सिंह तथा रिजर्व कांस्टेबल विशाल साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही.