Barabanki Cyber Crime: नकली फिंगरप्रिंट से बैंक खातों में सेंध! बाराबंकी में AEPS फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश, 3 साइबर ठग गिरफ्तार

AEPS Fraud Case Barabanki: बाराबंकी पुलिस ने नकली फिंगरप्रिंट और क्लोन बायोमेट्रिक के जरिए बैंक खातों से रकम उड़ाने वाले साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है. तीन शातिर अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ मोबाइल, सिम कार्ड, थम्ब स्कैनर और कार बरामद हुई. जांच में करोड़ों की संभावित साइबर ठगी के नेटवर्क के संकेत मिले हैं.

Barabanki Cyber Fraud Alert

Newzo

• 06:27 PM • 01 Jun 2026

follow google news

 AEPS Fraud Case Barabanki:  बाराबंकी जनपद की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (AEPS) के माध्यम से नकली फिंगरप्रिंट और क्लोन बायोमेट्रिक का इस्तेमाल कर लोगों के बैंक खातों से धोखाधड़ी करने वाले तीन शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, पांच सिम कार्ड, दो थम्ब स्कैनर मशीनें और एक अर्टिगा कार बरामद की है.

यह भी पढ़ें...

पुलिस के अनुसार, बदोसराय थाना क्षेत्र के मरकामऊ गांव निवासी मोहम्मद आजम ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया कि आरोपी संदीप कुमार ने उनके भाई मोहम्मद अंसार को झांसा देकर ‘सहज मनी’ कंपनी की रिटेलर आईडी बनवाई. इसके बाद शिवम यादव और उसके साथियों ने फर्जी आधार कार्ड तथा अवैध बायोमेट्रिक का इस्तेमाल करते हुए अंसार की आईडी से करीब 1.29 लाख रुपये की धोखाधड़ी की.

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपियों ने विभिन्न तिथियों में कई बार अवैध निकासी कर रकम अपने खातों में ट्रांसफर की थी. पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के निर्देशन में साइबर थाना पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर कार्रवाई करते हुए सोमवार को रामनगर क्षेत्र के सोमैया तिराहे के पास से शिवम यादव, मनीष यादव और नुसरत अली को गिरफ्तार कर लिया.

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके नाम पर रिटेलर आईडी बनवाते थे. इसके बाद विभिन्न ऑनलाइन स्रोतों से आधार नंबर, बैंक खाता विवरण, मोबाइल नंबर और पैन कार्ड जैसी गोपनीय जानकारियां हासिल कर क्लोन बायोमेट्रिक के माध्यम से खातों से रकम निकाल लेते थे.

पुलिस के मुताबिक, धोखाधड़ी से अर्जित धनराशि को आरोपी अपने तथा सहयोगियों के खातों में स्थानांतरित कर घर, जमीन और वाहन खरीदने में इस्तेमाल करते थे. मुख्य आरोपी शिवम यादव के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा और बाराबंकी में साइबर ठगी के कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं.पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और इस साइबर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है.