गोंडा जिले में इन दिनों डीजल और पेट्रोल की भारी कमी देखने को मिल रही है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन पूरी तरह समाप्त हो चुका है, जबकि कुछ स्थानों पर सीमित मात्रा में ही तेल उपलब्ध कराया जा रहा है। इस स्थिति से सबसे अधिक परेशानी किसानों और शादी-विवाह में शामिल होने वाले लोगों को झेलनी पड़ रही है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं। कई उपभोक्ता घंटों इंतजार करने के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। अचानक बढ़ी इस किल्लत ने परिवहन व्यवस्था को भी प्रभावित कर दिया है, जिससे दैनिक कामकाज में भी बाधा आ रही है। सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है, क्योंकि इस समय खेतों में सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों के लिए डीजल की जरूरत होती है।
डीजल न मिलने से कई किसानों के काम रुक गए हैं, जिससे फसलों पर भी खतरा मंडराने लगा है। किसानों का कहना है कि अगर जल्द ही स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
वहीं, आज 20 अप्रैल को जिले में बड़ी संख्या में शादियां और मांगलिक कार्यक्रम निर्धारित हैं। “लग्न” की अधिकता के चलते लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए वाहनों की आवश्यकता है, लेकिन ईंधन की कमी के कारण बारात और मेहमानों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। कई परिवारों को वैकल्पिक व्यवस्थाएं करनी पड़ रही हैं, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं।
स्थानीय पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि सप्लाई में कमी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उनका दावा है कि जैसे ही ईंधन की आपूर्ति सामान्य होगी, स्थिति भी सुधर जाएगी। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक इस समस्या के समाधान को लेकर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
जनता ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को राहत मिल सके। फिलहाल, गोंडा में ईंधन संकट लोगों के लिए बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है।
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