नोएडा में मजदूरों के वेतन वृद्धि आंदोलन को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है. समाजवादी पार्टी (सपा) के डेलिगेशन को मजदूरों से मिलने से रोकने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया और सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी समेत कई दिग्गज नेताओं को उनके घरों पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया.
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तड़के 5 बजे 'हाउस अरेस्ट'
राजकुमार भाटी ने बताया कि पुलिस ने सुबह 5 बजे ही उनके आवास की घेराबंदी कर उन्हें नजरबंद कर दिया. इस कार्रवाई की गूंज दिल्ली तक सुनाई दी, जहां सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य की 'डबल इंजन' सरकार पर तीखा हमला बोला. अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई के इस दौर में न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने में पूरी तरह विफल रही है और मजदूरों की वास्तविक समस्याओं को पुलिस के बल पर दबाना चाहती है. उन्होंने कहा कि सरकार केवल पूंजीपतियों के स्वार्थ सिद्ध करने में जुटी है, जिससे भ्रष्टाचार और आर्थिक असमानता बढ़ रही है.
11,000 से 20,000 की मांग पर अड़े मजदूर
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में सपा डेलिगेशन उन मजदूरों से मिलने की कोशिश कर रहा था, जो अपनी तनख्वाह 11,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये करने की मांग कर रहे हैं. मजदूरों का कहना है कि वर्तमान वेतन में परिवार का भरण-पोषण नामुमकिन है. हालांकि, सरकार ने इस बीच लगभग 3,000 रुपये की वृद्धि का प्रस्ताव दिया है, जिसे समाजवादी पार्टी ने 'अपर्याप्त' और मजदूरों के साथ मजाक करार दिया है.
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