उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित सेक्टर-57 औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार को स्थिति उस वक्त बेकाबू हो गई जब वेतन और ओवरटाइम भुगतान की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने एक कंपनी पर धावा बोल दिया. आक्रोशित भीड़ ने कंपनी की बिल्डिंग के शीशे, फर्नीचर और अन्य कीमती सामान को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया. सुरक्षाकर्मियों के तमाम प्रयासों के बावजूद भारी भीड़ कंपनी के भीतर घुसने में कामयाब रही.
ADVERTISEMENT
ताले तोड़कर भीतर घुसी भीड़, टीवी और फर्नीचर के उड़ाए परखच्चे
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हजारों की संख्या में आए प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इतना चरम पर था कि उन्होंने कंपनी के मुख्य द्वार (गेट) को तोड़ दिया.
- बिल्डिंग को नुकसान: भीड़ ने पूरी बिल्डिंग पर पथराव किया, जिससे खिड़कियों और दरवाजों के शीशे चकनाचूर हो गए.
- भीतर तांडव: कंपनी के अंदर घुसकर प्रदर्शनकारियों ने टीवी, गमले और फर्नीचर को निशाना बनाया. मौके की जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें हर तरफ कांच के टुकड़े और बिखरा हुआ सामान नजर आ रहा है.
छुट्टी न मिलने और कम वेतन पर फूटा गुस्सा
प्रदर्शनकारियों की नाराजगी केवल वेतन तक सीमित नहीं थी. उनकी मांग थी कि आंदोलन के समर्थन में कंपनी को तुरंत बंद किया जाए और सभी कर्मचारियों को छुट्टी दी जाए.
- प्रमुख मुद्दे: मजदूरों का आरोप है कि उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा है और ओवरटाइम का भुगतान भी लटका हुआ है.
- अराजक तत्व: बताया जा रहा है कि भीड़ में कुछ स्थानीय युवा और बच्चे भी शामिल थे, जिन्होंने तोड़फोड़ की इस घटना में सक्रिय भूमिका निभाई.
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल और प्रशासन की तैयारी
इस बड़ी घटना ने नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इतनी बड़ी संख्या में भीड़ के जमा होने और हिंसक तोड़फोड़ करने के दौरान सुरक्षा एजेंसियां बेबस नजर आईं. फिलहाल, पुलिस और प्रशासन स्थिति को सामान्य करने के प्रयास में जुटे हैं.
अगला कदम: प्रशासन अब कंपनी प्रबंधन और मजदूरों के बीच संवाद स्थापित करने की कोशिश कर रहा है. साथ ही, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तोड़फोड़ करने वालों की पहचान की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके.
ADVERTISEMENT









