नोएडा DM मेधा रूपम की सैलरी से कटेगा 5 लाख का मुआवजा, DU छात्रा आकृति चौधरी पर गलत NSA लगाना पड़ा भारी!

पंकज श्रीवास्तव

• 10:02 AM • 03 Sep 2026

Noida DM Medha Roopam News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा श्रमिक आंदोलन मामले में आकृति चौधरी की रासुका में निरुद्धि रद्द कर दी. कोर्ट ने ₹5 लाख मुआवजे का भी आदेश दिया.

Medha Roopam

Medha Roopam

Google CTA

Noida DM Medha Roopam News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में श्रमिक आंदोलन से जुड़े मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा और सामाजिक कार्यकर्ता आकृति चौधरी को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत उनकी निरुद्धि को अवैध करार देते हुए आदेश रद्द कर दिया है. कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अगर वह किसी अन्य मामले में वांछित नहीं हैं तो उन्हें रिहा किया जाए.

यह भी पढ़ें...

हाईकोर्ट ने आकृति चौधरी को पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है. यह राशि गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम के वेतन से अदा करने को कहा गया है.

आकृति चौधरी की याचिका पर कोर्ट का ये है आदेश

यह आदेश न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की खंडपीठ ने आकृति चौधरी की ओर से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दिया. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से आकृति चौधरी को रासुका के तहत निरुद्ध किए जाने के आधार के साथ पुलिस की कार्रवाई के समर्थन में उपलब्ध साक्ष्य और दस्तावेज पेश करने को कहा था.

निरुद्धि के लिए पर्याप्त आधार नहीं मिला

कोर्ट ने उपलब्ध सामग्री का परीक्षण करने के बाद पाया कि आकृति चौधरी को रासुका के तहत निरुद्ध करने की कार्रवाई को उचित ठहराने के लिए पर्याप्त आधार और सामग्री (सबूत) प्रस्तुत नहीं की जा सकी. इसके बाद न्यायालय ने आकृति चौधरी के खिलाफ जारी निरुद्धि आदेश को रद्द कर दिया.

कोर्ट ने नोटिस और वीडियो-वॉट्सऐप चैट पर भी मांगी थी जानकारी

इससे पहले हाईकोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा था कि एफआईआर दर्ज करने से पहले आकृति चौधरी को शांति भंग की आशंका के संबंध में कोई नोटिस दिया गया था या नहीं. कोर्ट ने कथित तौर पर मजदूरों को भड़काने वाले वीडियो और वॉट्सऐप चैट से जुड़ी सामग्री भी मांगी थी.

पुलिस ने लगाया था मजदूरों को भड़काने का आरोप

पुलिस की ओर से आरोप लगाया गया था कि 13 अप्रैल को वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चल रहे श्रमिक आंदोलन के दौरान आकृति चौधरी ने मजदूरों को भड़काने का प्रयास किया था. पुलिस के मुताबिक, इसके बाद हिंसा और आगजनी हुई तथा सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हुई.

हालांकि, हाईकोर्ट में इन आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं किए जा सके. इसी आधार पर कोर्ट ने रासुका के तहत आकृति चौधरी की निरुद्धि को अवैध करार देते हुए आदेश रद्द कर दिया और अन्य मामले में वांछित न होने की स्थिति में उनकी रिहाई का निर्देश दिया.

ये भी पढ़ें: इंजीनियर युवराज की दर्दनाक मौत के बाद DM मेधा रूपम की फैमिली सागा की जबर्दस्त चर्चा, आप भी जानिए