Noida Workers Protest Latest Updates: नोएडा में हाल ही में बड़े स्तर पर हुए फैक्ट्री विरोध और हिंसक प्रदर्शन के मामले की जांच में पुलिस ने एड़ी-चोटी का जोर लगा रखा है. अब इस मामले की जांच के दौरान पुलिस को बड़ा सुराग हाथ लगा है. बता दें कि पुलिस की जांच में इस पूरी घटना के पीछे एक संगठित नेटवर्क की भूमिका सामने आई है. यही नहीं, जांच में रूपेश राय नाम का एक मुख्य आरोपी भी सामने आया है. रूपेश के मोबाइल से मिले डिजिटल सबूतों ने पूरे मामले की परतें खोल दी हैं. पुलिस को उसके मोबाइल से व्हाट्सएप चैट्स और ऑनलाइन गतिविधियों से यह संकेत मिला है कि प्रदर्शन को सुनियोजित तरीके से भड़काया गया था.
ADVERTISEMENT
मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार
पुलिस जांच के अनुसार रूपेश राय इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी पाया गया है. उसे नोएडा के सेक्टर-39 थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है. उसके मोबाइल फोन की जांच में कई अहम व्हाट्सएप चैट्स मिले हैं, जिनसे यह संकेत मिलता है कि वह लोगों को भड़काने और विरोध प्रदर्शन को संगठित करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था.
जांच एजेंसियों का कहना है कि अब तक की जांच में तीन संगठित समूहों की संलिप्तता सामने आई है, जिन्होंने फैक्ट्री विरोध प्रदर्शन को बढ़ावा देने में भूमिका निभाई. इनमें से एक संगठन ‘मजदूर बिगुल दस्ता’ से रूपेश राय का जुड़ाव बताया जा रहा है.
ऐसे खुली पूरे नेटवर्क की पोल
बता दें कि पुलिस को आरोपी के मोबाइल से मिले व्हाट्सएप चैट्स में ऐसे संदेश मिले हैं जिनमें लोगों को उकसाने और फैक्ट्रियों में काम रुकवाने की रणनीति बनाई जा रही थी. जांच में यह भी सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सक्रिय था.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन समूहों से जुड़े लोग फैक्ट्रियों के बाहर पहुंचे और कर्मचारियों को बाहर निकालकर कामकाज ठप कराया. जांच में यह भी पता चला है कि इस विरोध प्रदर्शन की योजना पहले से बनाई जा रही थी और अप्रैल की शुरुआत में कई मजदूर संगठनों के साथ बैठकें भी हुई थीं.
महिला एक्टिविस्ट्स को भी लिया हिरासत में
इस मामले में कुछ महिला एक्टिविस्ट्स को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है. अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़े अधिकतर लोग 25 से 30 साल की उम्र के हैं और सोशल मीडिया के जरिए भीड़ जुटाने और माहौल को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे.
17 व्हाट्सएप ग्रुप्स की जांच जारी
पुलिस ने अब तक 17 व्हाट्सएप ग्रुप्स की पहचान की है, जिनके माध्यम से प्रदर्शन के लिए लोगों को संगठित करने और संदेश फैलाने का काम किया जा रहा था. इन सभी डिजिटल ट्रेल्स की गहराई से जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है. अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि कई अन्य लोगों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है.
यह भी पढ़ें: Budh Gochar: बुध का मेष राशि में प्रवेश करेगा बड़ा बदलाव, इन 4 राशि के लोगों की होगी खूब कमाई
ADVERTISEMENT









