Noida Labour Protest Update: नोएडा में मंगलवार को भी हालात तनावपूर्ण हैं. सोमवार की हिंसा के बाद सरकार ने देर रात न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का फैसला तो लिया, लेकिन सड़कों पर उतरे हजारों कर्मचारी इसे नाकाफी बता रहे हैं. फेज-2 और सेक्टर-63 जैसे औद्योगिक इलाकों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है.
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'11 हजार में दम नहीं, 20 हजार से कम नहीं'
सरकार ने वेतन में लगभग 3000 तक का इजाफा किया है जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होना है. हालांकि, प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में यह बढ़ोतरी 'ऊंट के मुंह में जीरे' के समान है. नोएडा फेज-2 में मजदूरों ने नारेबाजी करते हुए स्पष्ट कर दिया कि 20000 से कम में परिवार का पेट पालना मुमकिन नहीं है. श्रमिकों का तर्क है कि अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में समान काम के लिए अधिक वेतन दिया जा रहा है.
सोमवार को हुई भीषण तोड़फोड़ के बाद नोएडा सेक्टर-63 में अभी भी दहशत का माहौल है. सड़कों पर जली हुई कारें और फैक्ट्रियों के टूटे हुए शीशे हिंसा की गवाही दे रहे हैं. पुलिस के मुताबिक, करीब 400-500 की भीड़ ने सीसीटीवी तोड़कर फैक्ट्री परिसर में घुसकर तांडव मचाया था. पुलिस ने अब तक 350 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य दंगाइयों की पहचान की जा रही है और कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है.
प्रबंधन और सरकार के बीच क्या है खींचतान?
इस विवाद के कारण नोएडा की कई बड़ी इकाइयों में उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है जिससे सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंका है. फैक्ट्री मालिकों का कहना है कि अचानक इतनी भारी वेतन वृद्धि से उत्पादन लागत बढ़ जाएगी, जो मुमकिन नहीं है. हालांकि, वे बातचीत के लिए तैयार हैं. श्रम विभाग और स्थानीय प्रशासन दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं. सरकार ने कहा है कि यह एक 'तात्कालिक' फैसला है और वेज बोर्ड के माध्यम से स्थायी समाधान निकाला जाएगा.
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