नोएडा प्रोटेस्ट का गलत वीडियो पोस्ट करने पर हुई थी FIR, अब सामने आया RJD नेता प्रियंका भारती का पहला रिएक्शन

नोएडा मजदूर प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो शेयर करने के आरोप में आरजेडी प्रवक्ताओं पर एफआईआर दर्ज हुई है. प्रियंका भारती ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया है.

Priyanka Bharti

यूपी तक

15 Apr 2026 (अपडेटेड: 15 Apr 2026, 05:51 PM)

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नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर गलत वीडियो शेयर करना आरजेडी (RJD) प्रवक्ताओं के लिए मुसीबत बन गया है. इस मामले में आरजेडी प्रवक्ता प्रियंका भारती और कंचना यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस का आरोप है कि इन नेताओं ने एक वीडियो को नोएडा के आंदोलन से जोड़कर शेयर किया, जिससे माहौल बिगड़ने का खतरा पैदा हुआ. FIR दर्ज होने के बाद प्रियंका भर्ती ने मामले में सफाई दी है. 

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क्या कहा प्रियंका भारती ने?

केस दर्ज होने के बाद आरजेडी प्रवक्ता प्रियंका भारती ने अपनी सफाई पेश की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "मैंने एक वीडियो शेयर किया था जिसमें एक पुलिसवाला एक व्यक्ति की पिटाई कर रहा था. सोशल मीडिया पर इसे नोएडा का वीडियो बताकर शेयर किया जा रहा था, इसलिए मैंने भी इसे दोबारा पोस्ट किया और कहा कि पुलिसवाले पर कार्रवाई होनी चाहिए. बाद में मुझे पता चला कि वह वीडियो मध्य प्रदेश का था, तो मैंने अपनी पोस्ट हटा दी और #UPpolice की उस पोस्ट को भी दोबारा शेयर किया जिसमें साफ किया गया था कि मेरी पोस्ट सच नहीं थी. जहां तक मैं इस मामले को देख रही हूं, यह साफ तौर पर राजनीति से प्रेरित है."

क्या है पूरा विवाद?

गौतम बुद्ध नगर की साइबर पुलिस ने पाया कि आरोपियों ने मध्य प्रदेश की एक पुरानी घटना का वीडियो शेयर किया था, जिसमें पुलिस एक शख्स को पीट रही थी. इसे नोएडा का बताकर वायरल किया गया. पुलिस ने साफ किया कि यह वीडियो असल में शहडोल (MP) का है, जहां एक शराबी के उपद्रव करने पर पुलिस ने कार्रवाई की थी. इस मामले में प्रियंका और कंचना के अलावा '@ItsKtyni' नाम के हैंडल और 'जितेंद्र शर्मा दौसा' नाम की फेसबुक आईडी के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है.

क्यों गरमाया है नोएडा का माहौल?

नोएडा में सोमवार को हजारों फैक्ट्री मजदूरों ने वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल की थी. इस दौरान कई इलाकों में हिंसा, आगजनी और पथराव हुआ. पुलिस पर भी आरोप लगे कि उन्होंने मजदूरों पर लाठीचार्ज किया, जबकि पुलिस का कहना है कि स्थिति संभालने के लिए केवल मामूली बल प्रयोग किया गया. इसी माहौल के बीच गलत वीडियो शेयर होने से प्रशासन सख्त हो गया है.