नोएडा के फेज-2 औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार सुबह स्थिति तनावपूर्ण बन गई. सलैरी हाईक समेत अन्य मांग कर रहे हजारों कर्मचारी उग्र हो गए. प्रदर्शनकारियों ने वाहनों में तोड़फोड़ की और दो गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग और आंसू गैस के गोलों का सहारा लेना पड़ा.
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आश्वासन के बावजूद भड़का गुस्सा
मजदूर पिछले तीन-चार दिनों से शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे. रविवार को जिला प्रशासन, पुलिस और प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मांगें मानने का आश्वासन दिया गया था. इसके बावजूद, सोमवार सुबह कुलेसरा से फेज-2 तक मार्च निकालते हुए कर्मचारी अचानक उग्र हो गए.
क्या हैं प्रमुख मांग?
कर्मचारी अपना न्यूनतम वेतन 13000 से बढ़ाकर 20,000 करने, ओवरटाइम का समय पर भुगतान और छुट्टियों के अलग प्रावधान की मांग कर रहे हैं.
आज क्या क्या हुआ?
आज यानी सोमवार को सेक्टर-60 और फेज-2 के अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी और कई लोग गाड़ियों के आगे लेट गए. प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया. उग्र भीड़ ने निजी और कंपनी की संपत्तियों को निशाना बनाया. फेज-2 इलाके में दो गाड़ियों को आग लगा दी गई. भीड़ की ओर से भारी पथराव किया गया, जिससे इलाके में भगदड़ मच गई. अनियंत्रित भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया और फिर आंसू गैस के गोले छोड़े.
पुलिस कमिश्नरेट का बयान- स्थिति निगरानी में
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने बयान जारी कर बताया कि औद्योगिक क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. पुलिस के अनुसार, "उच्चाधिकारी मौके पर मौजूद हैं और श्रमिकों को शांति बनाए रखने के लिए समझाया जा रहा है. आवश्यकतानुसार न्यूनतम बल प्रयोग कर शांति व्यवस्था बहाल की जा रही है. स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है, नागरिक अफवाहों पर ध्यान न दें."
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