Noida News: नोएडा में वेतन वृद्धि को लेकर चल रहे मजदूर आंदोलन के बीच शुक्रवार को भारी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला. उत्तर प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में मजदूरों से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को नोएडा पुलिस ने डीएनडी (DND) फ्लाईवे पर ही रोक लिया. पुलिस ने कानून-व्यवस्था और धारा 163 (पूर्व में धारा 144) का हवाला देते हुए सपा नेताओं को नोएडा की सीमा में आने से रोका. पुलिस ने पहले ही नेताओं को नोटिस जारी कर आगाह किया था, लेकिन अनुमति न मिलने पर विवाद बढ़ने के बाद पुलिस सपा नेताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइंस ले गई. सपा ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या और विपक्षी नेताओं की नजरबंदी करार दिया है.
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पाकिस्तान से लड़ें, हमें क्यों रोक रहे हैं: माता प्रसाद पांडेय
नोएडा हिंसा में 'पाकिस्तानी कनेक्शन' के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए माता प्रसाद पांडेय ने सरकार को घेरा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "अगर सरकार को पाकिस्तान कनेक्शन का यकीन है, तो उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ लड़ने दें. वे हमें यहां क्यों रोक रहे हैं? वे पाकिस्तानियों को पकड़कर सजा दें. हम यहां कुछ रोकने नहीं, बल्कि उन लोगों का हाल जानने आए हैं जिनके साथ नाइंसाफी हुई है."
सपा नेता डॉ. आश्रय गुप्ता ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी देने के बजाय उनका दमन कर रही है. सपा का आरोप है कि सरकार केवल पूंजीपतियों को मुनाफा पहुंचाने के लिए मजदूरों की आवाज दबा रही है. वहीं, अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर सरकार को मजदूर विरोधी बताते हुए तीखा प्रहार किया है.
पुलिस लाइंस में होगी मजदूरों से मुलाकात
नोएडा पुलिस ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा कारणों से बॉर्डर पर भीड़ जमा होने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है. पुलिस का दावा है कि सपा डेलिगेशन की बातचीत वरिष्ठ अधिकारियों से कराई जाएगी. साथ ही, प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि कुछ प्रदर्शनकारी मजदूरों को पुलिस लाइंस लाया जाएगा ताकि प्रतिनिधिमंडल वहां उनसे सुरक्षित तरीके से संवाद कर सके. फिलहाल, डीएनडी और बॉर्डर इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है.
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