ग्रेटर नोएडा: लिया गया बकरे का सहारा, फिर भी पकड़ में नहीं आया सोसाइटी में घुसा तेंदुआ

भूपेंद्र चौधरी

• 07:54 AM • 06 Jan 2023

Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा की सोसाइटी अजनारा ली गार्डन में तेंदुआ देखने के बाद से ही आसपास की अन्य सोसाइट और लोगों में खौफ…

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Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा की सोसाइटी अजनारा ली गार्डन में तेंदुआ देखने के बाद से ही आसपास की अन्य सोसाइट और लोगों में खौफ का माहौल बना हुआ है. वन विभाग की आधे दर्जन से अधिक टीमें लगातर तीन दिन से तेंदुए को खोजने में जुटी हुई हैं, लेकिन अब तक तेंदुआ पकड़ में नहीं आया है.

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आपको बता दें कि पिछले हफ्ते ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तेंदुआ दिखने के बाद हड़कंप मच गया था. तभी से लोगों में तेंदुओं को लेकर डर बैठा हुआ है. पहले तो वन विभाग ने जांच करने के बाद तेंदुआ होने की बात से इंकार कर दिया था, लेकिन बीते मंगलवार को एकबार फिर तेंदुआ अजनारा ली गार्डन की निर्माणाधीन बिल्डिंग में दिखा.

बकरे भी लेकर आई टीम मगर नहीं फंसा

आपको बता दें कि निर्माणाधीन बिल्डिंग में फिर से तेंदुआ देखे जाने के बाद आसपास के लोग सहमे हुए है. तेंदुआ दिखने की खबर सुनने के बाद से ही नोएडा वन विभाग की टीम निर्माणाधीन बिल्डिंग के आसपास तेंदुए को खोज रही है. इसके लिए वन विभाग की टीम बकरे भी लेकर आई है. मगर वह अभी तक तेंदुआ को नहीं पकड़ पाई है.

मिली जानकारी के मुताबिक, निर्माणाधीन बिल्डिंग होने के कारण तेंदुआ आसानी से छिप जाने में कामयाब हो रहा है. वन विभाग की मुश्किलें इसलिए भी बढ़ी है, क्योंकि उनके लिए सबसे पहले आसपास के लोगो की सेफ्टी महत्वपूर्ण है. आसपास के सैकड़ों फ्लैट में हजारों लोग रहते हैं. ऐसे में वन विभाग हर एक कदम  सोच समझ कर उठा रहा है. अजनारा ली गार्डन की निर्माणाधीन बिल्डिंग को वन विभाग ने चारों तरफ से जाल से घेर दिया है. वन विभाग की 7 से अधिक टीम 24 घंटे नजर बनाए हुई है.

इस पूरे मामले पर DFO प्रमोद कुमार ने जानकरी देते हुए बताया कि, “मंगलवार से ही हमारी टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हुई हैं. अभी तक हमें एविडेंस नहीं मिला है. अब हम लोगों ने योजना बदली है. साइट पर कैमरे बढ़ा दिया है. साथ ही ट्रैप कैब भी लगाया गया है. इसके अलावा साइट में सीसीटीवी कैमरों की संख्या भी बढ़ा दी गई है.कैमरे में अभी तक तेंदुआ नहीं दिखा है.हो सकता है कि तेंदुआ भाग गया हो, लेकिन बिल्डिंग बड़ी है तो ऐसे में कोई चांस नहीं ले सकते हैं. हमने प्राधिकरण और फायर विभाग से मदद मांगी है, क्योंकि निर्माणाधीन बिल्डिंग है ऐसे में केजुएल्टी के चांस ज्यादा है.”

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