Lucknow News: लखनऊ के चर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड में जिला जज कोर्ट ने यूपी पुलिस के सिपाही प्रशांत चौधरी को 10 साल कैद की सजा सुनाई है. कोर्ट ने उसे विवेक तिवारी की गैर इरादतन हत्या का दोषी माना है.
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प्रशांत चौधरी पहले ही करीब आठ साल जेल में बिता चुका है. इस मामले में दूसरे आरोपी सिपाही संदीप कुमार को कोर्ट 17 सितंबर को बरी कर चुकी है.
28 सितंबर 2018 को हुई थी विवेक तिवारी की हत्या
एप्पल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी की 28 सितंबर 2018 को लखनऊ के गोमती नगर विस्तार में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. एफआईआर के मुताबिक, विवेक तिवारी अपनी महिला सहकर्मी सना खान के साथ वापस जा रहे थे.
इसी दौरान नाइट पेट्रोलिंग कर रहे गोमती नगर विस्तार थाने के सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार ने विवेक तिवारी को गोली मार दी थी. घटना के बाद लखनऊ पुलिस पर वसूली के लिए जान लेने के आरोप लगे थे.
एसआईटी ने की थी मामले की जांच
विवेक तिवारी हत्याकांड की जांच आईजी रेंज सुजीत पांडे की अगुवाई में गठित एसआईटी ने की थी. घटना के बाद प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था.
मामले की सुनवाई के दौरान चश्मदीद गवाह सना खान, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर और सूचना मिलने पर सबसे पहले मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी समेत आठ लोगों की गवाही हुई. 6 अगस्त को मामले में अंतिम बहस पूरी हो चुकी थी.
17 सितंबर को करार दिया गया था दोषी
लखनऊ की जिला जज कोर्ट ने 17 सितंबर को सिपाही प्रशांत चौधरी को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया था. दूसरी ओर, कोर्ट ने आरोपी सिपाही संदीप कुमार को बरी कर दिया था.
अब कोर्ट ने प्रशांत चौधरी को 10 साल कैद की सजा सुनाई है. विवेक तिवारी की हत्या के करीब आठ साल बाद आए इस फैसले में पहले से जेल में बिताई गई अवधि भी खास है.
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