विवेक तिवारी हत्याकांड में 8 साल बाद आया फैसला, परिवार बोला- हम लखनऊ कोर्ट के फैसले से...

यूपी तक

• 07:14 PM • 17 Sep 2026

लखनऊ के चर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड में करीब आठ साल बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया है. कोर्ट ने आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी को धारा 304 (2) के तहत गैर इरादतन हत्या का दोषी माना, जबकि दूसरे आरोपी संदीप कुमार को बरी कर दिया.

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लखनऊ के चर्चित एप्पल एरिया मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड में करीब 8 साल बाद कोर्ट का फैसला आया है. डीजे कोर्ट ने आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी को धारा 304 (2) के तहत गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया है. वहीं, दूसरे आरोपी सिपाही संदीप कुमार को बरी कर दिया गया है.

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कोर्ट ने प्रशांत चौधरी की सजा का ऐलान करने के लिए 21 सितंबर की तारीख तय की है. फैसले के समय विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी भी कोर्ट में मौजूद थीं. हालांकि, फैसला आने के बाद परिवार की नाराजगी साफ नजर आई.

परिवार का कहना है कि आठ साल के लंबे इंतजार के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला. आखिर ऐसा क्या है, जिस पर विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी और उनके भाई विष्णु तिवारी ने सवाल उठाए हैं?

क्या है विवेक तिवारी हत्याकांड?

मामला 28 सितंबर 2018 का है. लखनऊ के गोमती नगर विस्तार इलाके में एप्पल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. घटना के बाद पूरे देश में इस मामले की चर्चा हुई थी और उत्तर प्रदेश पुलिस पर भी सवाल उठे थे.

एफआईआर के मुताबिक, विवेक तिवारी अपनी महिला सहकर्मी सना खान के साथ वापस जा रहे थे. इसी दौरान गोमती नगर विस्तार थाने में नाइट पेट्रोलिंग कर रहे सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप सिंह ने उन्हें गोली मार दी थी.

घटना के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया था. अब कोर्ट ने प्रशांत चौधरी को गैर इरादतन हत्या का दोषी माना है, जबकि संदीप कुमार को बरी कर दिया गया है.

एक सिपाही दोषी, दूसरा बरी... परिवार ने उठाए सवाल

कोर्ट के फैसले के बाद विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी और उनके साले विष्णु तिवारी ने आज तक से बातचीत में अपना असंतोष जाहिर किया. परिवार ने सवाल उठाया कि जब प्रशांत चौधरी एक प्रशिक्षित पुलिसकर्मी था और उसने गोली चलाई, तो उसे गैर इरादतन हत्या का दोषी कैसे माना गया?

परिवार का कहना है कि गोली चलाने वाले सिपाही को इस धारा में दोषी ठहराए जाने से वे संतुष्ट नहीं हैं. उनके मुताबिक, मामले में घटना की गंभीरता और आरोपी की भूमिका को लेकर कई सवाल अब भी बने हुए हैं.

संदीप कुमार के बरी होने पर भी सवाल

कल्पना तिवारी और विष्णु तिवारी ने दूसरे आरोपी सिपाही संदीप कुमार को बरी किए जाने पर भी सवाल उठाए. परिवार ने पूछा कि संदीप ने प्रशांत चौधरी को गोली चलाने से रोकने के लिए क्या किया था? साथ ही, गोली चलने के बाद उसने विवेक तिवारी को बचाने की कोशिश क्यों नहीं की?

परिवार के लिए फैसला सिर्फ कानूनी प्रक्रिया का एक पड़ाव नहीं, बल्कि आठ साल से चले आ रहे इंतजार का नतीजा है. ऐसे में एक आरोपी को दोषी और दूसरे को बरी किए जाने से उनकी निराशा और बढ़ गई है.

'हमारे साथ अन्याय हुआ, हाई कोर्ट जाएंगे'

विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी और उनके भाई विष्णु तिवारी ने कहा कि वे लखनऊ कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं. परिवार के मुताबिक, आठ साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला. उन्होंने कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील करेंगे. 

21 सितंबर को होगा सजा का ऐलान

कोर्ट ने आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी को धारा 304 (2) के तहत गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया है. अब 21 सितंबर को उसकी सजा का ऐलान किया जाएगा. वहीं, दूसरे आरोपी संदीप कुमार को बरी किए जाने का फैसला परिवार की ओर से चुनौती दिए जाने की बात कही गई है.