लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क के सामने कार से कुचलने और घसीटने की खौफनाक वारदात की पीड़िता ने अब कैमरे के सामने आकर उस खौफनाक मंजर की पूरी सच्चाई बयां की है. पीड़िता का गंभीर आरोप है कि यह महज कोई हादसा नहीं बल्कि उसे जान से मारने की सोची-समझी साजिश थी. वारदात के वक्त शाहनवाज के दोस्त दानिश ने चिल्लाकर कहा था 'इसे आज मार दो, जो होगा बाद में देखा जाएगा.' पीड़िता ने शाहनवाज पर पहचान छिपाकर दोस्ती करने, लगातार मारपीट करने और अन्य लड़कियों को जाल में फंसाने जैसे कई सनसनीखेज खुलासे भी किए हैं.
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'गाड़ी का शीशा बंद कर हाथ दबाया और घसीटता चला गया'
पीड़िता के मुताबिक घटना की सुबह वह अपनी बहन और बुआ के साथ चाय पीने जनेश्वर मिश्र पार्क के पास गई थी. वहां शाहनवाज अपने दोस्त दानिश और दो अन्य लड़कियों के साथ मौजूद था. जब पीड़िता ने उन लड़कियों के बारे में पूछा तो शाहनवाज और दानिश बहस करने लगे और कार में बैठकर भागने लगे.
पीड़िता जब कार के आगे आकर वजह पूछने लगी तो शाहनवाज ने गाड़ी रोकने के बजाय उस पर चढ़ाने की कोशिश की. इस दौरान पीड़िता का हाथ कार के शीशे के लॉक में बुरी तरह फंस गया और शाहनवाज उसे काफी दूर तक सड़क पर घसीटता चला गया. कार में बैठे दोस्त दानिश ने शाहनवाज को उकसाते हुए कहा कि '##@% को आज मार दो जो होगा बाद में देखेंगे.' इसके बाद अचानक शीशा नीचे होने पर पीड़िता सड़क पर गिर पड़ी जिससे उसके पूरे शरीर, हाथ-पैर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आईं.
शाहनवाज ने आयुष नाम बताकर की थी दोस्ती
पीड़िता ने बताया कि उसकी और शाहनवाज की मुलाकात क्लब में हुई थी. शुरुआत में शाहनवाज ने अपना नाम आयुष और खुद को आजमगढ़ का ठाकुर बताया था. काफी समय बाद जब पीड़िता ने उसका इंस्टाग्राम देखा, तब जाकर उसकी असली पहचान सामने आई. पीड़िता का आरोप है कि शाहनवाज का गुस्सा और व्यवहार बेहद हिंसक था. वह पहले भी उसके साथ 7 से 8 बार बेहद गंदी तरह से मारपीट कर चुका था. पेट पर लातें मारीं, ईंट से हमला करने की कोशिश की और कई बार नीले निशान पड़ने तक पीटा.
'डेली क्लब जाना और लड़कियों को टारगेट करना'
पीड़िता ने शाहनवाज और उसके गैंग (दानिश, शरीफ, आशीष गौतम, रवि) पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि यह पूरा ग्रुप रोज अलग-अलग क्लबों में जाता है और वहां से लड़कियों को अपनी गाड़ियों में बैठाकर पार्टियां करता है. पीड़िता के अनुसार, शाहनवाज और उसके दोस्तों के संपर्क में आने वाली ज्यादातर लड़कियां हिंदू (ठाकुर, पंडित) होती हैं. वह कई अन्य लड़कियों के साथ भी धोखाधड़ी कर रहा था जिसकी वजह से उनके बीच अक्सर विवाद होता रहता था.'
3 महीने से बातचीत बंद होने का दावा झूठा
आरोपी पक्ष द्वारा फैलाए जा रहे दावों को खारिज करते हुए पीड़िता ने कहा 'आरोपी के दोस्त दावा कर रहे थे कि 3 महीने से ब्रेकअप था. जबकि पीड़िता के पास अगस्त 2026 की हालिया चैट और साथ में फौजी ढाबा जाने व मिलने के पूरे सबूत मौजूद हैं. घटना के बाद आरोपी के दोस्त (शरीफ व अन्य) पीड़िता के घर पहुंचकर समझौता करने का दबाव बना रहे हैं. मना करने पर पर्सनल वीडियो वायरल करने और अंजाम भुगतने की धमकियां दी जा रही हैं.
पीड़िता ने बताया कि उसे और उसके परिवार को आरोपी शाहनवाज के जमानत पर बाहर आने के बाद जान का भारी खतरा महसूस हो रहा है. उसने सरकार और पुलिस से अपने लिए न्याय और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की गुहार लगाई है.
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