प्रेग्नेंट दलित महिला के साथ थाने में क्या हुआ? मौत के बाद हंगामा, 6 पुलिसवाले सस्पेंड

सुधीर शर्मा

• 05:12 PM • 17 Sep 2026

फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में गर्भवती महिला अंजलि वर्मा की मौत के बाद पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं. परिजनों का दावा है कि हिरासत में लिए गए पति के बारे में पूछने पहुंची अंजलि के साथ धक्कामुक्की हुई, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और ब्लीडिंग शुरू हो गई.

UP Tak
Google CTA

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद क्षेत्र से गर्भवती महिला की मौत का एक गंभीर मामला सामने आया है. लबोहा गांव की रहने वाली अंजलि वर्मा की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. 

यह भी पढ़ें...

परिवार का कहना है कि चोरी के शक में हिरासत में लिए गए पति के बारे में पूछने पहुंची गर्भवती अंजलि के साथ पुलिसकर्मियों ने धक्कामुक्की की, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और ब्लीडिंग शुरू हो गई. बाद में डिलीवरी के दौरान उसकी मौत हो गई.

गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल

घटना के बाद गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया. ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की. मामला बढ़ने पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन भी फिरोजाबाद पहुंचे. 

उन्होंने अंजलि के परिवार से मुलाकात की और घटना की जानकारी ली. इसके बाद वह शिकोहाबाद थाने पहुंचे और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गए.

रामजी लाल सुमन ने क्या कहा? 

रामजी लाल सुमन ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दो नौजवानों को पुलिस ने पकड़ा था और उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है. 

उन्होंने आरोप लगाया कि जब गर्भवती महिला ने अपने पति को ले जाने की वजह पूछी तो उसके साथ धक्का-मुक्की की गई. सुमन के मुताबिक, इसके बाद महिला को ब्लीडिंग हुई और ज्यादा खून बहने की वजह से उसकी जान चली गई.

सपा सांसद ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की. उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया पूरा थाना दोषी है और पूरे थाने को निलंबित किया जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने महिला की मौत के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की.

दबाव बढ़ा तो 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड

मामला तूल पकड़ने और बढ़ते दबाव के बीच पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई की. एसएसपी आदित्य लांगे के आदेश पर दो दरोगा, दो हेड कांस्टेबल और दो सिपाहियों समेत कुल छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है.

पुलिस की ओर से बताया गया कि थाना शिकोहाबाद में मुकदमा दर्ज किया गया था. विवेचना के दौरान पुलिस टीम 13 सितंबर 2026 की देर रात लबोहा गांव से गौरव पुत्र रविंद्र सिंह को पूछताछ के लिए थाने लाई थी. पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के बाद उसे सुबह उसके परिजनों को सौंप दिया गया था.

पुलिस ने कहा है कि इस मामले में छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है और उनकी जांच चल रही है. जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.