प्रयागराज के हंडिया इलाके में दिनदहाड़े गोलियों से भूनकर मारे गए समाजवादी पार्टी के नेता पवन कुमार यादव पंचतत्व में विलीन हो गए हैं. 16 सितंबर की देर रात जब पवन यादव का पार्थिव शरीर उनके आवास पर पहुंचा तो परिजनों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया. अपने चहेते नेता के अंतिम दर्शन और उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए हंडिया में लोगों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा.वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है.
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अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
15 सितंबर की शाम करीब 5:30 बजे हुई इस निर्मम हत्या के बाद से ही पूरे इलाके में तनाव और शोक का माहौल था.16 सितंबर की रात करीब 10:30 बजे हंडिया में पवन यादव का अंतिम संस्कार किया गया. जैसे ही सपा नेता का शव घर पहुंचा परिजनों की आंखें छलक पड़ीं और चीख-पुकार मच गई.
अपने नेता को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिक और सपा कार्यकर्ता पहुंचे. समर्थकों की नम आंखों के बीच पवन यादव हमेशा के लिए कई अनकही कहानियां और यादें पीछे छोड़ गए.
चुनावी रंजिश में रची गई साजिश
वारदात के बाद पुलिस की कई टीमों ने जांच शुरू की जिसमें एक बड़ा खुलासा सामने आया. पुलिस के मुताबिक इस पूरे हत्याकांड की मुख्य साजिश प्रधान पति विनोद कुमार यादव ने रची थी. विनोद कुमार यादव ने चुनावी रंजिश के चलते पवन यादव को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया और शूटरों को हत्या के लिए 5 लाख रुपये की सुपारी दी.
एनकाउंटर के बाद दबोचे गए शूटर
वारदात को अंजाम देने के लिए बाइक पर तीन नकाबपोश बदमाश पहुंचे थे. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. मुख्य शूटर लल्ला यादव और उसके साथी निहाल अहमद को पुलिस ने एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया.
बाइक पर सबसे पीछे बैठे लल्ला यादव ने ही गोलियां चलाई थीं. बताया जा रहा है कि लल्ला यादव की भी मृतक पवन यादव से व्यक्तिगत रंजिश चल रही थी. पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता विनोद कुमार यादव, शूटर लल्ला यादव, निहाल अहमद और बृजेश यादव को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है.
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