UP Political News: साल 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के अंदर शानदार प्रदर्शन करने वालीं समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पहले ही ये ऐलान कर चुकी हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव दोनों यूपी में साथ मिलकर लड़ेंगी. सपा चीफ अखिलेश यादव खुद कई मौकों पर कह चुके हैं वह कि कांग्रेस के साथ गठबंधन में चुनाव में जाएंगे. खैर अब पूरी चर्चा इस बात पर है कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन में सब कुछ सामान्य है या नहीं? क्या दोनों पार्टियों के बीच सीट शेयरिंग का काम आसानी से हो जाएगा या फिर कुछ ऐसा पेंच फंस रहा है जिससे इस गठबंधन पर संशय के बादल हैं!
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क्या सपा अकेले चुनाव लड़ने को तैयार?
कांग्रेस पार्टी का एक वर्ग बसपा चीफ मायावती या आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद के साथ गठबंधन को इच्छुक है. माना जाना है लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सपा के साथ ही गठबंधन में जाने का प्लान तय कर चुके हैं. इसलिए दूसरे दलों के लिए फिलहाल कोई दरवाजा नहीं खुला है. कांग्रेस के कुछ नेताओं का दावा है कि पार्टी अखिलेश यादव के साथ गठबंधन में जाएगी तो अपनी शर्तों पर. वहीं, समाजवादी पार्टी अपनी तैयारियों को लेकर बिल्कुल साफ है. सपा का मानना है कि अगर गठबंधन में कोई पेंच फंसा तो पार्टी सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार है.
सीट शेयरिंग को लेकर कांग्रेस कर रही जल्दबाजी?
सियासी जानकार ऐसा कह रहे हैं कि कांग्रेस के भीतर जल्दबाजी का माहौल है. कांग्रेस गठबंधन तो करना चाहती है लेकिन जल्द से जल्द, ताकि पार्टी को पता चल सके कि उसके कितने उम्मीदवार हैं. और किन-किन सीटों पर चुनाव लड़ना है. उधर समाजवादी पार्टी को सीट बंटवारे की कोई जल्दबाजी नहीं है. समाजवादी पार्टी अपनी तैयारियों के मुकम्मल होने के बाद सीटों के बंटवारे पर बात करना चाहती है. जबकि कांग्रेस पार्टी को लगता है कि अगर गठबंधन में सीटें फाइनल करने में देरी हुई तो फिर कांग्रेस की बार्गेनिंग पावर खत्म हो जाएगी.
कांग्रेस पार्टी के मुस्लिम चेहरे इमरान मसूद अक्टूबर तक हर हाल में गठबंधन में सीटों की संख्या और सीटों के नाम तय कर लेना चाहते हैं. इमरान मसूद ने कहा कि अगर गठबंधन में देरी हुई तो कांग्रेस अपनी बढ़त खो देगी.
हालांकि दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की सभी सीटों पर तैयारी के दावे कर रही हैं. लेकिन सपा और कांग्रेस दोनों को मालूम है कि सभी 403 सीटों पर अकेले लड़ने की क्षमता दोनों में से किसी पार्टी की नहीं है. पश्चिमी यूपी में समाजवादी पार्टी कमजोर मानी जाती है. तो बाकी पूरे उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी का संगठन नहीं के बराबर है. ऐसे में दोनों तरफ से दावे और प्रतिदावे हो रहे हैं. लेकिन दोनों को मालूम है कि बगैर एक साथ आए दोनों में से किसी की दाल नहीं गलने वाली. इमरान मसूद ने दावा किया है कि कांग्रेस पार्टी ने डेढ़ सौ से ज्यादा सीटों की सूची समाजवादी पार्टी को सौंप दी है. लेकिन समाजवादी पार्टी की तरफ से गठबंधन के बातचीत की कोई पुष्टि नहीं है.
अभी तक अनौपचारिक तौर पर भले ही गठबंधन को लेकर कोई सुगबुगाहट शुरू हुई हो, लेकिन औपचारिक तौर पर कोई बातचीत शुरू नहीं हुई है. समाजवादी पार्टी इसे चुनाव के ऐलान तक ले जाना चाहती है. उधर कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता जल्द ही सब कुछ जल्द तय कर लेना चाहते हैं. आने वाले वक्त में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस को गठबंधन के तहत कितनी सीटें मिलती हैं.
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