Bareilly News: बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए शासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है. अब बेसिक विद्यालयों में मिलने वाले मिड-डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों पर वितरित पोषाहार की गुणवत्ता की जांच खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा की जाएगी. शासन के निर्देशानुसार, नए शैक्षिक सत्र से बिना गुणवत्ता जांच के किसी भी खाद्य सामग्री का वितरण नहीं किया जाएगा.
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अक्सर मिड-डे मील और पोषाहार की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं. इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यह सख्त व्यवस्था लागू की गई है. अब यदि जांच में खाद्य सामग्री अधोमानक पाई जाती है, तो संबंधित संस्था या एनजीओ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसमें संस्था को डिबार करने के साथ-साथ एफआईआर दर्ज कराने का भी प्रावधान रखा गया है.
स्कूलों-आंगनबाड़ी में साप्ताहिक मेन्यू होगा अनिवार्य
जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि एक अप्रैल से शुरू होने वाले ‘स्कूल चलो अभियान’ के साथ यह व्यवस्था प्रभावी हो जाएगी. इसके तहत विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर साप्ताहिक मेन्यू का प्रदर्शन अनिवार्य किया जाएगा, जिससे बच्चों और अभिभावकों को पहले से जानकारी मिल सके कि किस दिन क्या भोजन दिया जाएगा.
एफएसडीए टीम करेगी नियमित सैंपलिंग
इसके अलावा, एफएसडीए की टीम को नियमित रूप से खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग और जांच के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और पौष्टिक आहार मिल सके. शासन का उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण पोषण सुनिश्चित करना है.
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