Bareilly News: निजीकरण के विरोध में वकीलों और स्टांप विक्रेताओं का प्रदर्शन, रजिस्ट्री कार्यालय पर जड़ा ताला

Bareilly Lawyers Protest: बरेली के मीरगंज रजिस्ट्री कार्यालय में नई रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में वकीलों और स्टांप विक्रेताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय पर ताला जड़कर पूरे दिन कार्य बहिष्कार किया. रजिस्ट्री का काम पूरी तरह ठप रहा और लोगों को बिना काम कराए वापस लौटना पड़ा.

Bareilly Lwyers Protest

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Newzo

• 04:21 PM • 17 Jun 2026

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Bareilly News: बरेली जनपद की तहसील मीरगंज स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में बुधवार को उस समय हंगामे की स्थिति पैदा हो गई जब वकीलों और स्टांप विक्रेताओं ने सरकार की नई रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने रजिस्ट्री प्रक्रिया को निजी संस्थाओं के माध्यम से संचालित किए जाने के फैसले का विरोध करते हुए रजिस्ट्री कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया और पूरे दिन कार्य बहिष्कार किया. इस दौरान कार्यालय में रजिस्ट्री संबंधी सभी कार्य पूरी तरह ठप रहे.

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प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक उपाध्याय ने कहा कि सरकार की नई व्यवस्था से वर्षों से रजिस्ट्री कार्य से जुड़े वकीलों, स्टांप विक्रेताओं और अन्य लोगों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि अनुभवी लोगों को दरकिनार कर ऐसे व्यक्तियों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है जिन्हें इस कार्य का पर्याप्त अनुभव नहीं है. इससे न केवल कर्मचारियों और अधिवक्ताओं को नुकसान होगा, बल्कि आम जनता को भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.

प्रदर्शन में शामिल हरीश गंगवार और ओमपाल कातिब ने बताया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद आधार कार्ड, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों के विवरणों के मिलान में लगातार दिक्कतें आ रही हैं. हिंदी और अंग्रेजी में नामों की अलग-अलग वर्तनी होने के कारण कई मामलों में रजिस्ट्री प्रक्रिया बाधित हो रही है. इसके अलावा भूमि अभिलेखों और खतौनियों के अंतिम निर्धारण में भी त्रुटियां सामने आ रही हैं. उनका कहना है कि बड़ी संख्या में खतौनियों में गलतियां होने से भविष्य में भूमि विवाद बढ़ सकते हैं.

प्रदर्शन के कारण रजिस्ट्री कराने पहुंचे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा, लेकिन कामकाज शुरू न होने के कारण उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से नई व्यवस्था को वापस लेने अथवा उसमें आवश्यक सुधार करने की मांग की. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा.

मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर उनकी समस्याएं सुनीं और शासन स्तर तक उनकी मांगों को पहुंचाने का आश्वासन दिया. फिलहाल मामले को लेकर अधिवक्ताओं और स्टांप विक्रेताओं में नाराजगी बनी हुई है.