Bareilly farmer compensation scheme: आंधी, तूफान और बारिश से फसलों को हुए नुकसान के बाद किसानों को राहत पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू की गई है. वहीं, मुआवजे के नाम पर अनियमितताओं और गलत रिपोर्ट लगाकर लाभ लेने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है.
ADVERTISEMENT
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी कर्मचारी द्वारा गलत सत्यापन रिपोर्ट तैयार कर अपात्र लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.
डीएम के निर्देश पर एडीएम वित्त एवं राजस्व ने सभी उपजिलाधिकारियों को पत्र जारी कर मुआवजा प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए हैं. हाल ही में बिथरी चैनपुर क्षेत्र के अहियापुर गांव में किसानों के फसल नुकसान के सत्यापन में गड़बड़ी की शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया है. शिकायतों में कुछ किसानों को अनुचित तरीके से लाभ दिलाने और वास्तविक नुकसान का सही आकलन न किए जाने की बात कही गई थी.
प्रशासन ने लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों को चेतावनी देते हुए कहा है कि सर्वेक्षण और सत्यापन कार्य पूरी निष्पक्षता एवं ईमानदारी से किया जाए। शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार ही नुकसान का आकलन किया जाएगा और केवल पात्र किसानों को ही मुआवजा मिलेगा.इसके अलावा तालाबों के पट्टाधारकों, मत्स्य पालकों तथा फसल बीमा से जुड़े मामलों में भी लेखपालों के माध्यम से सत्यापन कराया जा रहा है.
अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित सीमा से अधिक नुकसान पाए जाने पर ही राहत राशि स्वीकृत होगी. जिला प्रशासन ने किसानों से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी प्रकार की अनियमितता दिखाई दे तो इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से करें, ताकि दोषियों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई की जा सके.
ADVERTISEMENT










